घटमापुर ग्राम प्रधान सस्पेंड, ऊनौ के खाते से रोक हटी
जांच रिपोर्ट के बाद जिलाधिकारी ने की कार्रवाई
अमर उजाला ब्यूरों
मंझनपुर। चेक पर फर्जी हस्ताक्षर कर लाखों का गबन करने के आरोप में सिराथू ब्लॉक के बड़नपुर घटमापुर ग्राम प्रधान को सस्पेंड कर दिया गया। जबकि सदर ब्लॉक के ऊनौ ग्राम के खाते पर लगी पाबंदी हटा दी गई है। अदालत के आदेश के बाद बुधवार को डीएम ने कार्रवाई किया है।
सिराथू ब्लॉक के बड़नपुर घटमापुर गांव की प्रधान मितिया देवी ने छह महीने पहले सेक्रेटरी राजकिशोर भारतीय द्वारा फर्जी हस्ताक्षर करके चेकों के जरिए 8.30 लाख रुपये सरकारी धन का गबन करने की शिकायत की गई थी। डीएम मनीष कुमार वर्मा के निर्देश पर दो सदस्यीय टीम ने जांच की। जांच रिपोर्ट आने के बाद सेक्रेटरी के साथ ही ग्राम प्रधान के खिलाफ पइंसा थाने में रिपोर्ट दर्ज करा दी गई थी। हालांकि पुलिस ने मामले में अभी तक किसी की गिरफ्तार नहीं किया है। डीपीआरओ गोपालजी ओझा ने बताया कि जांच में चेक पर प्रधान और सेक्रेटरी के हस्ताक्षर फर्जी प्रतीत हुए हैं। डीपीआरओ की रिपोर्ट पर डीएम ने ग्राम प्रधान को सस्पेंड करने के साथ ही एक्सपर्ट से हस्ताक्षर की जांच कराने का निर्देश दिया है। बताते चलें कि सेक्रेटरी राजकिशोर पर इससे पहले भी कई और गबन के मामले दर्ज हैं। अफजलपुर वारी में तैनाती के दौरान गबन के आरोप में उसे पहले ही निलंबित किया जा चुका है। दूसरी तरफ सदर ब्लॉक के ऊनौ प्रधान संगीता मिश्रा द्वारा दो स्थानों से निवास प्रमाण पत्र बनवाने के आरोप लगने पर दो जनवरी को ग्राम सभा के खाता संचालन पर रोक लगा दी गई थी। इस पर ग्राम प्रधान ने अदालत का दरवाजा खटखटाया। अदालत के आदेश के बाद डीएम ने खाते पर लगाई गई पाबंदी हटा ली है।
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शिकायत करने वाले पर ही कार्रवाई से खड़े हुए सवाल
बड़नपुर घटमापुर ग्राम प्रधान के खिलाफ की जा रही कार्रवाई सवालों के घेरे में आ रही है। बताते चलें कि ग्राम सभा के सरकारी धन के गोलमाल की शिकायत खुद ग्राम प्रधान ने की थी। उसका कहना था कि ग्राम सभा के सभी अभिलेख मसलन चेक और मोहर सचिव के पास रहते हैं। सचिव ने ही उसके फर्जी हस्ताक्षर से जरिए चेक एक-एक कर सरकारी खाते से 8.30 लाख लाख रुपये गबन किया है। जांच के दौरान सचिव का कहना था कि उसकी चेक बुक खो गई थी। किसी ने प्रधान और उसकी फर्जी हस्ताक्षर बनाकर धन गबन कर लिया है। ऐसे में सवाल उठता है कि यदि चेक बुक खो गई थी तो उसने एफआईआर क्यों नहीं दर्ज कराई। इन सब सवालों के बीच घोटाले का उजागर करने वाले ग्राम प्रधान को भी सेक्रेटरी के साथ लपेटे में लिया जा रहा है।
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आखिर बैंक अफसरों के खिलाफ क्यों नहीं हो रही कार्रवाई
बड़नपुर घटमापुर गांव में हुए लाखों के गोलमाल में बैंक अफसरों की भूमिका कठघरे में है। सवाल उठता है कि ग्राम प्रधान और सेक्रेटरी के फर्जी हस्ताक्षर थे तो चेकों का भुगतान कैसे किया गया? बड़ी बात ये है कि मामला अकेले एक चेक का नहीं था। बल्कि, एक-एक कर आधा दर्जन से अधिक चेकों के जरिए भुगतान किया गया है। ऐसे में कैशियर और मैनेजर दोनों में किसी की नजर तो फर्जीवाड़े पर जरूर पड़ी होगी। इससे साफ होता है कि बैंक अफसरों की मिलीभगत से गोलमाल किया गया है। फिर, अभी तक इनके खिलाफ कार्रवाई क्यों नहीं की गई? मामले में डीपीआरओ गोपालजी ओझा का कहना है कि जांच चल रही है। चरणबद्ध तरीके से कार्रवाई की जा रही है।