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आतंकी सलीम के साथी पप्पू तस्कर ने दस साल में बनाई अकूत संपति

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आतंकी सलीम के साथी ने दस साल में बनाई अकूत संपत्ति
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साइकिल से चलने वाला पप्पू अब लग्जरी वाहनों का है मालिक
सलीम की गिरफ्तारी के बाद हुआ गायब, एलआईयू छानबीन में जुटी
अमर उजाला ब्यूरो
मंझनपुर। आतंकी सलीम से पप्पू तस्कर के संबंधों की चर्चा ने खुफिया एजेंसियों की नींद उड़ा दी है। आतंकी से पप्पू के रिश्तों की छानबीन शुरू हो चुकी है। इस दौरान चौंकाने वाले खुलासे हुए हैं। दस साल पहले वह साइकिल से चलता था लेकिन अब वह कई लग्जरी गाड़ियों का मालिक है। इतना ही नहीं कई शहरों में उसके निजी बंगले हैं। सलीम की गिरफ्तारी के बाद से ही पप्पू गायब है। बुधवार को एलआईयू का कड़ा इलाके में डेरा जमा रहा। पप्पू व उसके परिजनों की गतिविधियों के बारे में अहम जानकारियां एलआईयू ने जुटाई हैं।
कड़ा क्षेत्र के रहने वाले पप्पू तस्कर की जिंदगी रहस्यमयी है। उसके साथ रहने वाले भी उसकी गतिविधियों को लेकर हैरान रहते थे। शाम होते ही वह गायब हो जाता था। दिन में बहुत कम ही घर से निकलता था। आतंकी सलीम मुंबई में एटीएस के हत्थे चढ़ा तो पप्पू भी गायब हो गया। इसके बाद इलाके में चर्चा फैल गई कि पप्पू के सलीम से गहरे संबंध हैं। पशु तस्करी के जरिए मिलने वाली मोटी रकम सलीम को दी जाती थी। उन्नाव से लेकर मुगलसराय तक पप्पू का नेटवर्क था। वह थानों से मवेशी लदे वाहनों का तस्करों से ठेका लेता था। 40 से ज्यादा थानों में उसकी सीधी सेटिंग है। यही कारण था कि उसका यह अवैध धंधा फल-फूल रहा है। पप्पू से सलीम के रिश्तों की खबर ने एलआईयू की नींद उड़ा दी है। बुधवार को एलआईयू टीम दिन भर कड़ा इलाके में सक्रिय रही और पप्पू व उसके परिजनों की गतिविधियों के बारे में जानकारी जुटाती रही। इस दौरान पता चला कि दस साल पहले पप्पू साइकिल से चलता था। इसके बाद उसने एक डिस्कवर बाइक खरीदी थी। इसके बाद वह पशु तस्करी के धंधे में कूद गया। इस धंधे के जरिए पप्पू ने दस से ज्यादा ट्रक, स्कार्पियो समेत कई लग्जरी वाहन, इलाहाबाद, फतेहपुर, कानपुर आदि शहरों में बंगले लिए। इसका पता चलते ही खुफिया एजेंसियों ने शिकंजा कसना शुरू कर दिया है। पशु तस्कर गायब है। वह कहां गया है, इसकी पड़ताल की जा रही है।
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पप्पू के कारोबारी साथी भी भूमिगत
पशु तस्कर के साथ ही उसके साथी कारोबारी भी भूमिगत हो चुके हैं। उसके साथ अक्सर दिखने वाले लोगों की तलाश मंगलवार व बुधवार को लोग करते रहे, लेकिन उनका भी पता नहीं चला। वह अपना-अपना घर छोड़ चुके हैं। पुलिस टीमों की निगाह इस ओर भी लगी है।


राजनीतिक मददगार भी बौखलाए
पशु तस्कर की मदद में हमेशा खड़े रहने वाले उसके राजनीतिक मददगार भी बौखलाए हुए हैं। पशु तस्कर ने राजनीतिकों से मधुर संबंध बनाए थे। वह राजनीतिकाें को भी जरूरत पड़ने पर फंडिंग करता था। अब उन्हीं लोगों ने उससे मुंह मोड़ लिया है। वे खुद सकते में हैं कि ऐसे व्यक्ति के संपर्क में थे। राजनीतिकों के अलावा पुलिस विभाग के भी लोग हतप्रभ हैं।
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‘उच्चस्तर की किसी भी एजेंसी से पप्पू के बारे मे कोई इनपुट नहीं मिला है। इस तरह की संदिग्ध गतिविधि वाले लोग यदि जिले में सक्रिय हैं तो उनकी जांच कराई जाएगी। जांच में यदि कोई तथ्य मिलता है तो एजेंसियों को सूचना देकर कार्रवाई कराई जाएगी।’
अशोक पांडेय
पुलिस अधीक्षक
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