चायल के पूर्व ब्लाक प्रमुख संतोष सिंह की हत्या के लिए गांव के ही उनके एक दुश्मन ने 5 लाख रुपये की सुपारी दी थी। पिपरी और चरवा पुलिस की संयुक्त टीम ने सोमवार की रात इलाहाबाद के दो शार्प शूटरों को दबोचकर इसका खुलासा किया है। पुलिस ने पकड़े गए शूटरों से पूछताछ के बाद उन्हें जेल भेज दिया। जबकि इस कातिलाना हमले में शामिल एक अन्य शूटर की तलाश में पुलिस जुटी है।
चरवा थाना क्षेत्र के दनियालपुर गांव निवासी संतोष कुमार पुत्र विश्वनाथ प्रसाद वर्ष 2006-07 में चायल ब्लाक के प्रमुख थे। चार जनवरी की सुबह वह घर के सामने बैठे आग ताप रहे थे। तभी बाइक सवार दो युवकों ने तमंचे से गोली दागकर उनकी हत्या का प्रयास किया था। निशाना चूकने से पूर्व प्रमुख बाल-बाल बचे थे। उन्होंने हमलावरों पर अपनी लाइसेंसी बंदूक से फायर भी किया था। इससे एक हमलावर जख्मी भी हो गया था।
पूर्व प्रमुख पर कातिलाना हमला करने वालों की तलाश में एसपी ने पिपरी और चरवा पुलिस की संयुक्त टीम को लगाया था। बकौल एसपी वीके मिश्र सोमवार की रात पुलिस की संयुक्त टीम ने पूर्व प्रमुख की गोली से जख्मी मोहम्मद अहमद और उसके साथ मोहम्मद तारिक निवासी चफरी थाना नवाबगंज (इलाहाबाद) को दबिश देकर धर दबोचा। जबकि इनका एक साथी फरमूद निवासी मलिकपुर नवाबगंज फरार हो गया।
इन शातिर शूटरों ने पूछताछ में बताया कि पूर्व प्रमुख की हत्या के लिए उन्हें दनियालपुर गांव के ही रईस अहमद ने पांच लाख रुपये की सुपारी दी थी। बता दें कि पूर्व प्रमुख के भाई राजेश कुमार और उसके साथी भैयन की 07 मार्च 2014 को चिल्लाशहबाजी गांव के समीप सरेशाम गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। इसमें गांव के रईस और तत्कालीन प्रधान समेत पांच लोग नामजद किए गए थे। इसी मुकदमे की पैरवी की रंजिश में पूर्व प्रमुख की हत्या की यह साजिश रची गई थी। पुलिस ने हत्थे चढ़े शातिर शूटरों को जेल भेज दिया है। पुलिस अधीक्षक ने शूटरों को दबोचने वाली पुलिस टीम को ढाई हजार रूपये इनाम की घोषणा भी की है।