चायल। पूरामुफ्ती से करीब एक माह पहले बुकिंग में गई एक कार (इनोवा) के मामले में सिपाही सहित दो लोगों के खिलाफ पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज कर ली गई है। सिपाही ने अपने परिचित को गाड़ी दिलाई थी। जो अब तक वापस नहीं लौटी। पुलिस ने यह कार्रवाई एसपी प्रदीप गुप्ता के आदेश के बाद की है।
पूरामुफ्ती गांव निवासी रामबाबू वर्मा ने चौराहे पर मोटर गैराज खोल रखी है। उसके पास इनोवा कार थी। रामबाबू उसे बुकिंग पर चलाता था। रामबाबू के मुताबिक एक महीना पहले पूरामुफ्ती थाने का सिपाही रवींद्र नाथ जो कि इस समय यूपी-100 में चलता है एक युवक को लेकर उसकी गैराज आया था। सिपाही ने साथ गए युवक का परिचय पीडब्लूडी के अधिकारी के रूप में कराते हुए एक हजार रुपये प्रतिदिन पर इनोवा कार देने की बात कही। सिपाही के झांसे में आकर गैराज मालिक ने अपनी कार दे दी। आरोप है कि 15 दिन बीतने के बाद भी न तो उसे पैसा मिला और न ही गाड़ी मिल सकी। काफी खोजबीन करने के बाद भी जब कार का सुराग नहीं लगा तो कार मालिक ने थाने में शिकायत की। रामबाबू के अनुसार सिपाही का मामला होने के कारण इंस्पेक्टर ने थाने से उसे डांटकर भगा दिया था। पीड़ित ने तहसील जाकर संपूर्ण समाधान दिवस में पुलिस अधीक्षक से शिकायत की थी। एसपी ने आरोप को गंभीरता से लेते हुए सिपाही को तलब कर तीन दिन में मामला सुलझाने की चेतावनी दी थी। मामला न सुलझने पर सोमवार को एसपी प्रदीप गुप्ता ने बिचौलिए सिपाही रवींद्र नाथ और ग्राहक अवधेश कुमार दुबे के खिलाफ केस दर्ज करने का आदेश दिया। पूरामुफ्ती पुलिस केस दर्ज कर मामले की तफ्तीश कर रही है।