फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

जच्चा-बच्चा की मौत पर हंगामा निजी चिकित्सालय में तोड़फोड़

Tue, 31 Jul 2018 12:00 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो, कौशाम्बी
विज्ञापन
कौशाम्बी - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो, कौशाम्बी
विज्ञापन
ऑपरेशन के बाद जच्चा-बच्चा की मौत से आक्रोशित तीमारदारों ने सोमवार सुबह एक निजी अस्पताल में हंगामा किया। हॉस्पिटल के सामने शव रखकर सड़क जाम लगा दिया। इससे लोगों को आने-जाने में दिक्कतों का सामना करना पड़ा।
विज्ञापन


नगर कोतवाली क्षेत्र के सेहिया गांव की सीमा यादव पत्नी शिवप्रसाद को 21 जुलाई की शाम प्रसव पीड़ा होने पर परिजनों ने उसे मंझनपुर में एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया। परिवार वालों के मुताबिक देर रात ऑपरेशन से सीमा ने बच्चे को जन्म दिया। जन्म के बाद ही बच्चे की मौत हो गई। इसके बाद सीमा की भी हालत बिगड़ गई। सुबह डॉक्टरों ने उसे इलाहाबाद रेफर कर दिया। इलाहाबाद के निजी अस्पताल में सोमवार सुबह सीमा की भी सांस थम गई। इससे गुस्साए परिजनों ने डॉक्टरों पर ऑपरेशन में लापरवाही का आरोप लगाते हुए अस्पताल के सामने शव रखकर करारी-सिराथू मार्ग जाम कर दिया। अस्पताल में भी तोड़फोड़ की। हंगामा देख अस्पताल स्टॉफ मौके से भाग खड़ा हुआ। इसके बाद आक्रोशित लोगों ने जिस घर में अस्पताल है, उसके मालिक, उसकी पत्नी, रिश्तेदारों को पुलिस की मौजूदगी में पीटना शुरू कर दिया। पुलिस व कस्बाइयों ने आक्रोशित लोगों को शांत कराया। इसके बाद वे शव लेकर घर चले गए। जाम की वजह से करीब दो घंटे अफरातफरी का माहौल रहा। सड़क के दोनों ओर वाहनों की लंबी कतार लगी रही। नतीजतन मुसाफिरों को परेशानियों का सामना करना पड़ा।

मकान मालिक और उसके परिवार की महिलाओं को गुस्साए लोगों ने डॉक्टर का परिवार समझकर पीट दिया। बाद में उन्हें पता चला कि उन्होंने बेकसूरों की पिटाई की है। इस बाद उन लोगों को मलाल भी था। शायद इसी वजह से मकान मालिक ने आरोपियों के खिलाफ तहरीर नहीं दी है। मृतका के परिजनों ने अस्पताल के सामने शव रखकर जाम लगा दिया था। इसकी सूचना मिलते ही मौके पर पहुंची पुलिस ने आक्रोशित लोगों से बातचीत करना ठीक नहीं समझा। जबर्दस्ती शव किनारे हटवा दिया। इसी के बाद लोग भड़क गए और तोड़फोड़ के साथ मकान मालिक व उसके परिजनों की पिटाई कर दी।
विज्ञापन

वहीं नगर कोतवाल अजीत कुमार पांडेय का कहना है कि किसी भी पक्ष ने तहरीर नहीं दी है। इसलिए रिपोर्ट नहीं लिखी गई। तहरीर मिली तो केस दर्ज कर आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें