सिराथू क्षेत्र में बालू का अवैध कारोबार कुटीर उद्योग के रूप में विकसित हो रहा है। तमाम जगह खुले आम नियमों के विपरीत भंडारण किए जाने के बावजूद संबंधित विभाग की आंखे बंद रहती हैं।
सिराथू क्षेत्र में बालू का अवैध कारोबार गांव-गांव फैलता जा रहा है। बताया जाता है कि एक दशक पूर्व शुरू हुए इस धंधे में फायदे ही फायदे हैं। घाट से लेकर डंप स्थल पर राजस्व चोरी का भी खेल होता है। ग्रामीण अपनी जरूरत के हिसाब से स्थानीय कारोबारी से डंप बालू खरीदने के लिए जाते हैं। जानकारों का कहना है कि डंप बालू की सप्लाई के लिए स्पेशल रूप से ट्राली उपयोग की जाती है। ग्राहकों से एक ट्राली यानी सौ फुट की दर से पैसा लेकर 80 फुट वाली ट्राली से बालू भेज दिया जाता है। इस तरह से कारोबारी ग्राहक से 20 फीट बालू की चोरी कर लेता है। यह खेल गिट्टी सप्लाई में भी होता है।
जरूरतमंद घर बनवाने के लिए जहां से बालू लेता है। वह वहीं से गिट्टी भी खरीदता है। इसी तरह से क्षेत्र के सैनी, सिराथू, अजुहा, अटसरांय, थुलगुला, निदूंरा, गुलामीपुर, कड़ा, देवीगंज, अलीपुरजीता, कमालपुर, दौलतपुर, उदहिन, पइंसा, सयांरा मोड़, कल्यानपुर, गनपा आदि जगहों पर बालू एवं गिट्टी का अवैध कारोबार संचालित हो रहा है। वहीं खनन अधिकारी अरविंद कुमार का कहना है कि बालू डंप करने वालों के खिलाफ अभियान चलाकर कार्रवाई की जाएगी। वे इसके लिए एक रिपोर्ट तैयार कर डीएम के पास भेजेंगे।