कोखराज क्षेत्र के शहजादपुर में नाम बदल कर सहायिका से आंगनबाड़ी कार्यकत्री बनी एक महिला को जेल भेज दिया गया। जबकि महिला का पति पहले से ही सलाखों के पीछे है।
बताया जाता है कि शहजादपुर निवासी छेदी लाल की पत्नी गायत्री देवी के नाम से आंगनबाड़ी में बतौर सहायिका कार्यरत थी। बाद में उनका चयन आगनबाड़ी कार्यकत्री के रूप में गीता देवी के नाम से हो गया।
फर्जी तरीके से गायत्री से गीता बन कार्यकत्री बनने की शिकायत गांव के बनवारी लाल ने बाल विकास विभाग से की थी। आरटीआई के तहत साक्ष्य जुटाने के बाद 29 मार्च 2010 को कोखराज थाने में फर्जीवाड़ा किए जाने का मामला दर्ज कराया था। रिपोर्ट में शिकायत कर्ता ने महिला के पति की कूटरचित फर्जी दस्तावेज तैयार करने में संलिप्ता दिखाई थी। पुलिस ने महिला और उसके पति के खिलाफ चार्ज शीट लगा दी थी। मंगलवार को महिला कोर्ट में पेश हुई। कोर्ट द्वारा जमानत नहीं दिए जाने पर पुलिस ने उसे जेल भेज दिया है। बताते हैं कि इसके पूर्व इसी मामले में महिला का पति छेदी लाल जेल में बंद है।