सरायअकिल कोतवाली क्षेत्र के नंदा का पूरा गांव में दबंग पुलिस के एक मददगार की भूमि पर कब्जा कर रहे हैं। इसका विरोध करने पर शनिवार सुबह दबंगों ने उसकी वृद्ध मां को पीट दिय। मामले की जानकारी होने के बाद एसपी ने इंस्पेक्टर को दोषियों के खिलाफ कार्रवाई करने का निर्देश दिया है।
नंदा का पूरा बालू घाट पर वर्ष 2010 में लाल सलाम संगठन ने बवाल काटा था। माझियों की पुलिस-प्रशासन से सीधी लड़ाई हुई थी। इस दौरान गांव के ही रामजीत ने उपद्रवियों का विरोध करते हुए पुलिस की मदद की थी। इसका नतीजा यह रहा कि आरोपियों ने उसके बेटे संजय को दिनदहाड़े मौत की नींद सुला दिया था। इस घटना के बाद से रामजीत घर छोड़कर भागा हुआ है। वह जिले के विभिन्न हिस्सों में किसी तरह जीवन यापन कर रहा है। रामजीत की मानें तो गांव में उसकी 15 बिस्वा भूमि खाली पड़ी हुई है। सात बिस्वा भूमि पर दबंगों ने कब्जा कर लिया है।
स्थगन आदेश होने के बाद भी शनिवार सुबह दबंग निर्माण करा रहे थे। इसका विरोध करने पर दबंगों ने रामजीत की मां सोनिया देवी को पीट दिया। पीड़ित की शिकायत के बाद इसकी जानकारी होते ही एसपी प्रदीप गुप्ता बिफर गए। उन्होंने सरायअकिल एसओ को दोषियों के खिलाफ कार्रवाई करने का निर्देश दिया है। मामले में सरायअकिल एसओ हेमंत मिश्र का कहना है कि दबंगों की तलाश की जा रही है। रिपोर्ट दर्ज करके उचित कार्रवाई की जाएगी।