मंझनपुर/नेवादा। सरायअकिल कोतवाली क्षेत्र के सुरसेना गांव में अब भी दहशत का माहौल है। आरोप है कि पुलिस उत्पीड़न बंद नहीं कर रही है। इससे परेशान महिलाएं बुधवार को जिलाधिकारी (डीएम) से मिलीं और फफककर रो पड़ीं। इस पर डीएम मनीष कुमार वर्मा ने सरायअकिल एसओ को फटकार लगाई। चेताया कि बेगुनाह परेशान किए गए तो कार्रवाई की जाएगी।
सरायअकिल कोतवाली क्षेत्र के सुरसेना गांव में 24 जून को वकील राजेंद्र द्विवेदी और डॉ. निसार के बीच अवैध बालू लदे ट्रैक्टर का वीडियो बनाने को लेकर झगड़ा हुआ था। दोनों पक्षों के लोग आमने-सामने आ गए थे। इनके बीच जमकर मारपीट हुई थी। पुलिस पर भी हमला किया गया था। मामले में वकील राजेन्द्र की तहरीर पर डॉ. निसार सहित नौ नामजद व 60 अज्ञात के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की गई है। आरोप है कि पुलिस गिरफ्तारी के नाम पर एक पक्ष के लोगों को परेशान कर रही है। रात में दबिश देकर महिलाओं से बदसलूकी की जाती है। पुलिस के इस उत्पीड़न से आजिज करीब छह परिवार पलायन कर गए हैं। पलायन का सिलसिला अभी थमा नहीं है। लगभग 12 पुरुष भागे-भागे फिर रहे हैं। इनके घरों में सिर्फ महिलाएं और बच्चे ही हैं। सरायअकिल पुलिस की शिकायत करने बुधवार को सुरसेना गांव की महिलाएं कांग्रेस जिलाध्यक्ष तलत अजीम की अगुवाई में डीएम के पास गई थीं। जिलाधिकारी के सामने पहुंचते ही पीड़ित महिलाएं रो पड़ीं। इसके बाद डीएम मनीष कुमार वर्मा ने सरायअकिल एसओ को फटकार लगाई। चेताया कि बेगुनाह परेशान किए गए तो कार्रवाई की जाएगी।