अनियमितता में निरस्त हुई सस्तेदर की नई दुकान आवंटन के दौरान बुधवार को रसूलपुर बड़गांव में जमकर हंगामा हुआ है। आरोप है कि वोटिंग के दौरान हार की भय से पूर्व कोटेदार के समर्थकों ने उत्पात मचाया। ग्रामीणों को धमकी देकर भगाया गया। दावेदार महिला ने इसकी शिकायत डीएम से की है। उसने एडीओ पंचायत पर भी पूर्व कोटेदार का साथ देने का आरोप लगाया है। शिकायत को गंभीरता से लेते हुए जिलाधिकारी ने एसडीएम मंझनपुर को जांच का निर्देश दिया है।
कौशाम्बी ब्लाक के रसूलपुर बड़गांव की सस्ते दर की दुकान खाद्यान्न और मिट्टी का तेल वितरण में अनियमितता पर छह महीने पहले निरस्त कर दी गई थी।
एसडीएम के निर्देश पर नई दुकान के आवंटन के लिए बुधवार को एडीओ पंचायत की मौजूदगी में ग्रामसभा की खुली बैठक बुलाई गई थी। गांव की रहने वाली निर्मला देवी और दयाशंकर दावेदार के रूप में आमने-सामने थे। निर्मला देवी ने बताया कि कोटेदार के चयन की कार्रवाई शुरू होते ही एडीओ पंचायत ने दोनों दावेदारों के समर्थक ग्रामीणों को अलग-अलग लाइन में खड़ा कराया। आरोप है कि जैसे ही निर्मला देवी के समर्थकों की संख्या अधिक दिखी। दूसरे पक्ष के लोगों ने हंगामा शुरू कर दिया। इल्जाम है कि बैठक में आए निर्मला देवी के समर्थकों को भगाने की कोशिश शुरू कर दी गई।
निर्मला देवी का आरोप है कि इसी हंगामे के बीच एडीओ ने दूसरे पक्ष के नाम दुकान आवंटन की संस्तुति आनन-फानन में कर दी। इस मनमानी को लेकर गांव में तनातनी है। निर्मला देवी और गांव के रहने वाले अशर्फीलाल, चंदन कुमार, सतीश कुमार, रविप्रकाश, रमाकांत, भैयालाल, इंद्रजीत आदि ने इसकी शिकायत डीएम से की है। साथ ही आरोप लगाया है कि एडीओ पंचायत ने भी निष्पक्षता के बजाय विपक्षी का ही साथ दिया है। शिकायत को गंभीरता से लेते हुए डीएम ने एसडीएम मंझनपुर को प्रकरण की जांच का निर्देश दिया है।