कानपुर के ट्रक चालक की हत्या और लूट मामले में सोमवार को अदालत ने बलरामपुर जिले के बाबूलाल और अर्जुन दूबे को उम्रकैद की सजा सुनाई है। हत्या और लूट के आरोपी यह दोनों युवक भी उसी ट्रक में खलासी का काम करते थे। अदालत ने दोनों युवकों पर 22-22 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया है।
अभियोजन पक्ष के अधिवक्ता एडीजीसी (क्रिमिनल) त्रिलोकीचंद्र केसरवानी के मुताबिक 19 मार्च 2010 की सुबह कानपुर-इलाहाबाद हाईवे के किनारे कोखराज इलाके के नाले में ट्रक चालक मोईनुद्दीन पुत्र मोहम्मद अरमान निवासी अजीतगंज कालोनी थाना बाबूपुरवा कानपुर की लाश मिली थी। चौकीदार की सूचना पर पहुंची पुलिस ने जांच के बाद रिपोर्ट दर्ज कर जांच शुरू की। पुलिस ने ट्रक खलासी बाबूलाल कोरी पुत्र छोटेलाल निवासी सिरपुरवा थाना रहेरा बाजार जिला बलरामपुर और अर्जुन दुबे पुत्र श्यामला प्रसाद निवासी बल्दीडीह थाना महराजगंज जिला बलरामपुर को नामजद करते हुए आरोपपत्र न्यायालय में दाखिल किया।
पुलिस जांच के मुताबिक ट्रक चालक और खलासी सरिया लादकर कानपुर से प्रतापगढ़ गए थे। लौटते समय कोखराज के समीप दोनों खलासियों ने चालक की हत्या कर शव नाले में फेंक दिया और सरिया का सारा पैसा लेकर फरार हो गए थे। चालक की हत्या और लूट का यह मुकदमा एडीजे तृतीय की अदालत में चला। अभियोजन और बचाव पक्ष के वकीलों की दलीलें सुनने के बाद विद्वान न्यायाधीश एडीजे तृतीय संजय मलिक ने बाबूलाल और अर्जुन दुबे को ट्रक चालक की हत्या और लूट का दोषी पाते हुए आजीवन कारावास और विभिन्न धाराओं में कुल 22-22 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई।