जिला प्रशासन ने मतगणना कराने की तैयारी तेज कर दी है। 11 मार्च को सुबह सात बजे से नवीन मंडी ओसा में वोटों की गिनती शुरू होगी। तीन विधानसभाओं में मतगणना की 42 टेबल लगाई जाएगी। गिनती के लिए कुल 57 मतगणना पार्टियां बनाई गई हैं, इनमें नौ पार्टियां रिजर्व रहेंगी। जिला निर्वाचन अधिकारी ने मतगणना पार्टियों के प्रशिक्षण की तिथि भी निर्धारित कर दिया है।
23 फरवरी को तीन विधानसभाओं के 1147 बूथों पर संपन्न हुआ था। मतदान के बाद अब मतगणना की तैयारियां तेज हो गई हैं। जिला निर्वाचन अधिकारी अखंड प्रताप सिंह के निर्देश में मतगणना कार्मिक अधिकारी दिनेश कुमार सिंह ने 57 पार्टियां बनाई हैं। उन्होंने बताया कि मतगणना वाले दिन तीन विधानसभाओं के लिए अलग-अलग 14-14 टेबल लगाएं जाएंगे। प्रत्येक टेबल पर मतगणना पार्टियों के चार-चार कर्मचारी बैठेंगे।
मतगणना के दौरान तीनों विधान सभाओं की 42 मतगणना पार्टियां टेबल पर होंगी, जबकि तीन-तीन पार्टियों को रिजर्व रखा जाएगा। वोटों की गणना पर नजर रखने के लिए मतगणना माइक्रोआब्जर्वर प्रत्येक टेबल पर नजर रखेंगे तो एक-एक विधान सभा की गणना पर दो आरओ की नजर रहेगी। इसके अलावा प्रत्येक टेबल पर एक-एक सुपरवाइजर होगा जो ईवीएम के वोटों की जानकारी प्रत्याशियों के एजेंटों को देगा। मतगणना कार्मिक अधिकारी ने बताया कि सभी 57 मतगणना पार्टियों का पहला प्रशिक्षण तीन मार्च को कलक्ट्रेट के सम्राट उदयन सभागार में दो पाली में तो दूसरा प्रशिक्षण मतगणना से दोदिन पहले नौ मार्च को कराया जाएगा। जिला निर्वाचन अधिकारी ने बताया कि मतगणना के लिए पार्टियां बना दी गई हैं। मतगणना के दिन सुरक्षा के तगड़े इंतजाम किए गए हैं।
समर्थकों से भी नहीं कट रहे दिन
मतगणना को लेकर समर्थकों की नींद उड़ी है। उनका चहेता प्रत्याशी पहले पायदान पर होगा या फिर स्थिति कुछ और होगी, इसकी टोह लगाने के लिए वह दिनभर हलाकान रहते हैं। स्थिति यह है कि समर्थक अपने गांवों के अलावा पास पड़ोस के अन्य गांवों में जाकर मतदाताओं के रुझान का पता लगाते हैं। रुझान से छनकर आई मतदाताओं की बातों के बाद कुछ समर्थक फूले नहीं समाते तो कुछ की नींद उड़ जा रही है। रह-रहकर समर्थक अपने उम्मीदवार की जीत सुनिश्चित कर रहे हैं। बहरहाल ऊंट किस करवट बैठेगा? इस बावत कुछ कहना ठीक नहीं है।