जिले में 24 घंटे के भीतर मिले तीनों संक्रमितों में कोरोना के शुरूआती लक्षण नहीं दिख रहे थे। परदेश से लौटने के कारण प्रशासन ने एहतियातन इनका ब्लड सैंपल जांच के लिए भेजा था। अब रिपोर्ट पॉजिटिव आने के बाद पूरा स्वास्थ्य महकमा सन्न है। किसी को भी कुछ समझ नहीं आ रहा है। जिलाधिकारी ने चिकित्सा विभाग के साथ पुलिस को भी और अधिक चौकन्ना कर दिया है।
उद्योग विहीन कौशाम्बी जिले के हजारों लोग दूसरे बड़े शहरों में रहकर प्राइवेट नौकरी करते हैं। लॉकडाउन के बाद अब यह सभी कोई न कोई जुगाड़ कर घर लौट रहे हैं। प्रशासन इन्हें या तो क्वारंटीन सेंटर पर शिफ्ट करा रहा है या फिर घर पर ही एकांतवास बिताने की हिदायत दे रहा है। संक्रमण के लक्षण सर्दी, खांसी, बुखार और सांस लेने में तकलीफ पहले तो यहां किसी को हुई ही नहीं। अफसरों का कहना था कि किसी में लक्षण मिलते तो तत्काल उसे अस्पताल में भर्ती कराया जाता। खैर, एहतियातन खून का नमूना जांच के लिए सभी एकांतवासियों का भेजा जा रहा था।
जिलाधिकारी मनीष कुमार वर्मा ने बताया कि जिन तीन युवकों के संक्रमित होने की पुष्टि हुई है, उनमें संक्रमण के लक्षण नहीं थे। अचानक से रिपोर्ट पॉजिटिव आई तो प्रशासन के हाथ-पांव फूल गए। डीएम-एसपी ने सभी कोतवालों को अलर्ट कर दिया है। कहा है कि अब कोई भी एकांतवासी बेपरवाही नहीं करे। ऐसा करने वालों को सीधे गांव से दूर किसी क्वारंटीन सेंटर पर भेज दिया जाए। डीएम ने सीएमओ से भी कहा है कि बाहर से आने वालों का गंभीरता के साथ स्वास्थ्य परीक्षण किया जाए और सभी का खून जांच के लिए भेजा जाए।