बंदूकों के साये में एडीए 20 करोड़ के टेंडर निरस्त
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विकास भवन स्थित ग्रामीण अभियंत्रण सेवा (आरईएस) कार्यालय में शनिवार को अजीबोगरीब स्थिति पैदा हुई। विभाग की ओर से आठ कार्यों के लिए टेंडर निकाला गया है। अंतिम समय तक ठेकेदार आपसी सहमति बनाने में लगे रहे। पर, सफलता नहीं मिली। नतीजतन, वक्त निकल गया और कोई टेंडर नहीं डाल सका। अब दोबारा निविदाएं आमंत्रित की जाएंगी।
बैरागीपुर, पश्चिमशरीरा और कनैली में मॉडल शौचालयों का निर्माण कराया जाना है। इसके अलावा कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालय नेवादा, कड़ा व मंझनपुर में भवन मरम्मत तथा कृषि विज्ञान केंद्र मलाक मोहीउद्दीनपुर में हाईमास्ट लाइट लगवाए जाने हैं। करीब 62 लाख रुपये की लागत वाले इन कार्यों के लिए कार्यदायी संस्था ग्रामीण अभियंत्रण सेवा ने निविदाएं आमंत्रित किया। शुक्रवार तक इसके लिए 71 निविदाओं की बिक्री हुई। प्रत्येक कार्यों के लिए करीब आठ-दस फार्म बिकने से ठेकेदारों में खलबली मच गई।
निविदा के लिए शनिवार को विकास भवन स्थित विभागीय कार्यालय में दोपहर 12 से ढाई बजे तक का वक्त निर्धारित किया गया था। लिहाजा सभी ठेकेदार परिसर में एकत्र हुए। बताया जा रहा है कि परिसर में ही ठेकेदार आपसी सहमति से टेंडर डालने की सलाह करने लगे। ढाई घंटे की मशक्कत के बावजूद ठेेकेदारों के बीच सहमति नहीं बन सकी। ढाई बजे के बाद एक्सईएन एस खान की अध्यक्षता वाली समिति ने बाक्स खोला तो उसमें एक भी टेंडर नहीं पड़ा था। एक्सईएन ने बताया कि जल्द ही दोबारा निविदाएं आमंत्रित की जाएंगी।