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Kaushambi : ईरान पर हमले के बाद टूटा संपर्क, 50 अधिक परिवार परेशान, सलामती के लिए मांगी दुआ

Sun, 01 Mar 2026 07:02 PM IST
विनोद सिंह संवाद न्यूज एजेंसी, कौशांंबी

सार

इजराइल और ईरान के बीच जारी हमलों के बाद करारी क्षेत्र के उन परिवारों की चिंता लगातार बढ़ती जा रही है, जिनके बेटे रोजी-रोटी और दीनी तालीम के लिए ईरान में रह रहे हैं। दूसरे दिन भी अधिकांश युवाओं से संपर्क नहीं हो सका है, जिससे घरों में बेचैनी का माहौल है।
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ईरान में फंसे परिजनों से संपर्क न होने से कौशाम्बी में गमगीन परिजन। - फोटो : संवाद।
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विस्तार
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इजराइल और ईरान के बीच जारी हमलों के बाद करारी क्षेत्र के उन परिवारों की चिंता लगातार बढ़ती जा रही है, जिनके बेटे रोजी-रोटी और दीनी तालीम के लिए ईरान में रह रहे हैं। दूसरे दिन भी अधिकांश युवाओं से संपर्क नहीं हो सका है, जिससे घरों में बेचैनी का माहौल है।

क्षेत्र के 50 से अधिक युवा ईरान में शिक्षा और रोजगार के सिलसिले में गए हुए हैं। हमले की खबर मिलते ही परिजनों ने फोन और इंटरनेट के माध्यम से संपर्क साधने की कोशिश की, लेकिन नेटवर्क बाधित होने से बात नहीं हो पा रही है। माताएं और परिजन लगातार टीवी और मोबाइल पर नजर बनाए हुए हैं। स्थानीय मस्जिदों में अपनों की सलामती के लिए दुआएं की जा रही हैं। परिजनों ने प्रशासन से सुरक्षित वापसी और हालचाल की जानकारी दिलाने की मांग की है।

करारी निवासी नजर हसन रिजवी ने बताया कि उनका बेटा महदी हसन करीब दस वर्ष पहले दीनी तालीम हासिल करने की नीयत से गया था। इस बीच कई बार सफर भी किया। तीन साल पहले उसकी शादी हो गई तो वह अपने साथ पत्नी को भी लेकर चले गए। जब से जंग छिड़ी है, अजीब बेचैनी महसूस हो रही है।

नेटवर्क न होने के कारण बच्चों से बात भी नहीं हो पा रही है। उन्होंने बताया कि दो दिन पहले फोन पर बात हुई थी। तब ये बताया था कि अभी तो हालत ठीक हैं, लेकिन कब क्या हो जाए कुछ नहीं पता। उन्होंने बताया कि लगातार संपर्क करने की कोशिश की जा रही है, लेकिन अभी तक कोई संपर्क नहीं हो सका।

इसी प्रकार कस्बे के नयागंज निवासी शोएब सलमान रिजवी का भी कहना है कि जंग के हालात को देखते हुए कहीं न कहीं बच्चों को लेकर डर बना हुआ है। उनका बेटा शहाब सलमान रिजवी 2016 में ईरान के कुम शहर के छात्रावास में रहकर तालीम हासिल कर रहा है।

शादी के बाद पत्नी भी साथ में है और तीन छोटे-छोटे बच्चे भी हैं। ऐसे माहौल में पिता होने नाते बच्चों की चिंता सता रही है। यही हाल ईरान में ही रह रहे मौलाना मीसम के घर पर भी है। सबसे अधिक परेशानी मोहम्मद मोहसिन के लिए है। मोहसिन अमेरिका और इजराइल की हिट लिस्ट वाले शहर इस्फहान में रहकर तालीम हासिल कर रहे हैं। उनके भाई मोहम्मद हसनैन का कहना है कि कई दिन हो गए अभी तक भाई से कोई संपर्क नहीं हो सका। इसी तरह लहना गांव के भी गालिब अब्बास और मोहम्मद सकलेन भी वहां पर हैं।

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