मंझनपुर। मजदूर दिवस पर शुक्रवार को करारी सामाजिक संस्था दोआबा विकास एवं उत्थान समिति की ओर से गोष्ठी हुई। इसमें जुटे मजदूरों ने अपने अधिकारों के लिए संघर्ष करने को जन संगठन का निर्माण किया। जिसका नाम दोआबा जन मंच रखा गया है। वहीं गोष्ठी में वक्ताओं ने किसानों की समस्याओं पर लोगों के सामने रखा। अनदेखी पर शासन-प्रशासन पर निशाना भी साधा। अजुहा में भी डिग्री कालेज के छात्र-छात्राओं की ओर से जागरूकता रैली निकाली गई।
एक मई यानी मजदूर दिवस पर दोआबा विकास एवं उत्थान समिति की ओर से करारी में गोष्ठी का आयोजन किया गया। इसमें जिलेभर के भट्ठा, दिहाड़ी, बीड़ी और मनरेगा मजदूरों ने भाग लिया। कार्यक्रम में दोआबा विकास संस्थान के सचिव परवेज रिजवी ने कहा कि राष्ट्रीय व प्रांतीय स्तर पर उत्पीड़ित जनता के संघर्षों का नेतृत्व करने के लिए कई संगठन और राजनैतिक दल पहले से मौजूद हैं। इसके बाद भी जमीनीस्तर पर प्रताड़ितों को संगठित करने और उनकी आवाज उठाने में क्षेत्रीय संगठनों की भूमिका अहम होती है।
कहाकि मजदूर को उसकी मजदूरी पसीना सूखने से पहले मिलनी चाहिए। पर, ऐसा हो नहीं रहा है। उन्होंने कहाकि अपने इस हक को हासिल करने के लिए मजदूरों को भी एकजुट होने की जरूरत है। इसके बाद गोष्ठी में मजदूरों के हितों के लिए संघर्ष करने को दोआबा जनमंच का गठन का फैसला हुआ। मजदूरों ने अपने नव निर्मित संगठन की ओर से डीएम राजमणि यादव को मजदूरों और किसानों की समस्याओं का ज्ञापन भी दिया। इसमें किसानों को उचित मुआवजा देने की मांग की गई है।
गोष्ठी से पहले कस्बे में मजदूरों ने अपने हक के लिए आवाज बुलंद करते हुए रैली भी निकाली। मौके पर अशर्फीलाल शास्त्री सुमन राज, बड़ेलाल, मोहम्मद रेहान, वारिस अली, वसी अहमद, तीरथलाल, सुदामा प्रसाद, मुकेश कुमार आदि मौजूद रहे। वहीं मजदूर दिवस पर अजुहा में भी महात्मा बुद्ध डिग्री कालेज के छात्र-छात्राओं ने जागरूकता रैली निकाली। इस मौके पर प्राचार्य डॉ प्रमोद कुमार शुक्ल, धरणीधर, सत्य प्रकाश, शिवप्रभा, अरविंद कुमार, विवेक कुमार, सविता, प्रिया, पूजा, अंजली, नेहा आदि मौजूद रहीं।