construction of a medical collage will be in 320 crores
- फोटो : KAUSHAMBI
320 करोड़ की लागत से बनेगा मेडिकल कॉलेज
कादीपुर में होगी पढ़ाई, संयुक्त जिला चिकित्सालय में करेंगे प्रयोग
केंद्र सरकार की मंजूरी के बाद निर्माण की कवायद में जुटा प्रशासन
मंझनपुर। केंद्र सरकार की ओर से कौशाम्बी में स्वीकृत मेडिकल कॉलेज सिराथू तहसील के कादीपुर गांव में सड़क किनारे खाली पड़ी 13 एकड़ भूमि पर बनेगा। 320 करोड़ की लागत से बनने वाले मेडिकल कॉलेज में छात्र पढ़ाई करने के साथ ही संयुक्त जिला चिकित्सालय में प्रयोग करेंगे। धनराशि अवमुक्त होते ही कार्यदायी संस्था राजकीय निर्माण निगम कार्य प्रारंभ करा देगी। इसे लेकर जिला प्रशासन ने कवायद प्रारंभ कर दिया है।
कौशाम्बी जिले में तकरीबन दो साल से मेडिकल कॉलेज निर्माण को लेकर कवायद चल रही है। पर, सियासी गुणा गणित के कारण मामला अटक जा रहा था। लोकसभा चुनाव के बाद बदले सियासी समीकरण के तहत इसे लेकर एक बार फिर सक्रियता बढ़ी तो भूमि का संकट खड़ा हो गया। दरअसल मेडिकल कॉलेज के लिए सड़क किनारे तकरीबन 22 एकड़ भूमि की आवश्यकता है। जहां पर मेडिकल की पढ़ाई के साथ ही प्रयोग के लिए आधुनिक सुविधाओं वाला अस्पताल बनाया जा सके। तमाम जद्दोजेहद के बाद जिले में इतना बड़ा भूखंड सड़क किनारे नहीं मिला तो बीच का रास्ता निकाला गया। तय हुआ कि संयुक्त जिला चिकित्सालय के आसपास 13 एकड़ ही सरकारी भूमि मिल जाए तो काम चलाया सकता है। उसमें यह होगा कि चिकित्सकीय शिक्षा के लिए कॉलेज भवन का निर्माण करा दिया जाए और ट्रेनिंग जिला चिकित्सालय में करा दी जाएगी। डीएम मनीष कुमार वर्मा ने इसके लिए सिराथू तहसील के कादीपुर गांव में खाली पड़ी भूमि चिंहित कर शासन को प्रस्ताव भेज दिया। तीन महीने पहले राज्य सरकार की मुहर लगने के बाद 28 नवंबर को केंद्र सरकार ने भी इसे मंजूरी दे दी। जिलाधिकारी ने बताया कि मेडिकल कॉलेज निर्माण के लिए सरकार ने 320 करोड़ रुपये स्वीकृत कर दिया है। इसके निर्माण का जिम्मा कार्यदायी संस्था राजकीय निर्माण निमग को सौंपा गया है। इसके लिए अन्य जरूरी औपचारिकताएं पूरी कराई जा रही हैं। धनराशि अवमुक्त होते ही निर्माण कार्य प्रारंभ करा दिया जाएगा।
निश्चिततौर पर कौशाम्बी जनपद के लिए सरकार ने मेडिकल कॉलेज के रूप में बड़ी सौगात दी है। इससे पिछड़े जिले में चिकित्सा क्षेत्र का विस्तार होने के साथ ही युवाओं को रोजगार का बड़ा अवसर मिलेगा।
मनीष कुमार वर्मा, डीएम