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भटपुरवा के लिए लोकतंत्र बेइमानी

Wed, 11 Jan 2017 01:00 AM IST
कौशाम्बी ब्यूरो
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सिराथू विधानसभा क्षेत्र की ग्राम सभा रामपुर धमांवा के मजरा भटपुरवा में आज भी जरूरी सुविधाओं का आभाव है। देश की आजादी के बाद कई विधानसभा, लोकसभा और स्थानीय चुनाव हुए। लोगों ने जनप्रतिनिधि चुने, लेकिन आज भी इस गांव के हालात आजादी के पहले जैसे ही हैं। इससे लोगों को तमाम दिक्कताें का सामना करना पड़ है। इससे लगता है कि भटपुरवा के लिए लोकतंत्र बेइमानी है।
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भटपुरवा गांव में करीब पचास घर हैं। गांव में जाने के लिए खड़ंजा मार्ग है, वह भी क्षतिग्रस्त है। लोगों का कहना है कि पूर्व प्रधान ने यहां नाली बनाने का प्रस्ताव पास किया था। आधी नाली बनवाकर पूर्व प्रधान ने छोड़ दिया था। अबकी रवीन्द्र यादव ग्राम प्रधान हैं, लेकिन उन्होंने इस नाली को पूरा कराने का कोई प्रयास नहीं किया। नाली न होने से गांव की गलियों में पानी बहता रहता है। कीचड़ भी फैला रहता है। इससे लोगों को आने-जाने में दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। वहीं गांव में एक ही हैंडपंप है। पिछली गर्मी में यह बिगड़ गया था, तब से यह ठप है। इस गांव के लोग निजी नलकूप से पानी भरने को मजबूर हैं। इसी नलकूप में लोग नहाने-धोने के लिए भी जाते हैं। शाम होते ही यह गांव अंधेरे में डूब जाता है। इस गांव में आज तक बिजली नहीं पहुंच सकी है। ठेकेदार ने काम शुरू कराया है, लेकिन दलित बस्ती के 50 घर अभी बिजली की रोशनी से वंचित हैं।


  गांव के ही जय सिंह, शिव सिंह, केशव प्रसाद, श्यामलाल, राजाराम, अमृतलाल, रामनारायण और राम सिंह बताते हैं कि गांव के मजदूर भी पढ़े-लिखे हैं। बहुत कम ही ऐसे लोग होंगे जो हाईस्कूल से कम पढ़े-लिखे हों। जब-जब चुनाव आता है तो वह नेताओं से यही मांग करते हैं कि उनके गांव में भी विकास कराया जाए। चुनाव के वक्त उनसे बहुत वादे किए गए, लेकिन एक भी पूरा नहीं हुआ। विकास की आस में कई पीढ़ियां गुजर गईं, लेकिन गांव के हालात नहीं सुधरे। कहा कि अबकी चुनाव में वह नेताओं से हिसाब लेंगे। ग्रामीणों का कहना है कि वोट के ठेकेदारों को भी वह अबकी गांव नहीं घुसने देंगे। बताया कि पांच साल के भीतर उन्हें दो विधायक मिले। पहले विधायक केशव प्रसाद मौर्य थे, उनके बाद वाचस्पति हुए। इसी बीच सांसद विनोद सोनकर भी उन्हें मिले, लेकिन इस गांव की सूरत बदलने की किसी ने नहीं सोची। उनके साथ ही ऐसा क्यों हुआ? इसका जवाब नेताओं को देना होगा।
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