राज्यपाल ने बृहस्पतिवार को रज्जू भैय्या विश्वविद्यालय से संबद्ध शासकीय और वित्तपोषित महाविद्यालयों की समीक्षा बैठक में उच्च शिक्षा व्यवस्था को लेकर कई सख्त निर्देश दिए। उन्होंने नैक और एनआईआरएफ की कमियों को जल्द दूर करने, छात्राओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने और कौशल आधारित शिक्षा को बढ़ावा देने पर जोर दिया।
लखनऊ में हुई बैठक में राज्यपाल ने कहा कि विद्यार्थियों को रोजगार और जीवनोपयोगी कौशल से जोड़ना समय की जरूरत है। राज्यपाल ने छात्रावासों में बाहरी भोजन पर पूर्ण रोक लगाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि छात्राओं को पढ़ाई के साथ सिलाई, कढ़ाई, कंप्यूटर, गृह प्रबंधन और अन्य रोजगारपरक प्रशिक्षण भी दिए जाएं।
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नैक-एनआईआरएफ सुधारने के निर्देश
बैठक में राज्यपाल ने कहा कि समीक्षा के दौरान जिन कमियों की जानकारी मिली है, उन्हें समयबद्ध तरीके से दूर किया जाए। उन्होंने शिक्षकों और विद्यार्थियों दोनों के लिए मल्टीटास्क और कौशल आधारित शिक्षा पर जोर दिया। जिन महाविद्यालयों में शिक्षकों की कमी है, वहां ऑनलाइन माध्यम से पढ़ाई की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।
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पुस्तकालय संस्कृति और सामूहिक अध्ययन पर जोर
राज्यपाल ने विद्यार्थियों में पुस्तकालय संस्कृति विकसित करने, भाषण, लेखन और मंच संचालन जैसी गतिविधियों को बढ़ावा देने की बात कही। उन्होंने महाविद्यालयों में सामूहिक अध्ययन कार्यक्रम और नियमित योग गतिविधियां आयोजित करने के निर्देश भी दिए। बैठक में छात्राओं की सुरक्षा को लेकर भी चिंता जताई गई। राज्यपाल ने प्रत्येक महाविद्यालय में छात्राओं की सुरक्षा, मार्गदर्शन और सहयोग के लिए समिति गठित करने के निर्देश दिए। बैठक में उच्च शिक्षा मंत्री योगेंद्र उपाध्याय, कुलपति प्रो. अखिलेश कुमार सिंह, उच्च शिक्षा विभाग के अधिकारी, प्राचार्य और अन्य अधिकारी मौजूद रहे।