ड्राइविंग लाइसेंस बनवाने के लिए महीनों से चक्कर काट रहे महगांव के युवकों का मंगलवार को गुस्सा फूट पड़ा। एआरटीओ पर सुविधा शुल्क मांगने और आवेदनफार्म फाड़ने का आरोप लगाते हुए युवकों ने दफ्तर में जमकर हंगामा किया। एआरटीओ से झड़प भी हुई। उनकी बोलेरो के सामने लेटकर आवेदक दफ्तर से बाहर नहीं जाने दे रहे थे। सूचना पर मौके पर पहुंची पुलिस ने समझाकर लोगों का शांत कराया। वहीं उप संभागीय परिवहन अधिकारी केडी सिंह ने खुद पर लगाए जा रहे आरोपों को झूठा बताया।
पुरामुफ्ती कोतवाली क्षेत्र के महगांव गांव के रहने वाले दानिश, सरताज, निहाल, रेहान, प्रहलाद, राजमनि, उमाशंकर आदि ने बताया कि उन लोगों ने ड्राइविंग लाइसेंस के लिए आवेदन कर रखा था। बताया कि दो महीने से उन्हें परमानेंट लाइसेंस देने के लिए दौड़ाया जा रहा है। लाइसेंस के लिए एक हजार रुपये की मांग की जा रही है। आरोप है शिकायत के बाद भी एआरटीओ ने भी कोई सुनवाई नहीं की। इधर, मंगलवार को भी ये युवक लाइसेंस के लिए एआरटीओ दफ्तर पहुंचे थे। युवकों की मानें तो कर्मचारियों ने बताया कि एआरटीओ ने अभी हस्ताक्षर नहीं किया है। इस पर सभी आवेदक खुद ही फाइल लेकर एआरटीओ के पास हस्ताक्षर कराने पहुंच गए।
आरोप है कि सीधे आने पर एआरटीओ इन युवकों पर बिफर पड़े। गुस्से में युवकों को डांटते हुए उनके आवेदन फार्म को ही फाड़ डाले। आवेदन फार्म फाड़े जाने से युवकों का भी गुस्सा फूट पड़ा। इसे लेकर उनकी एआरटीओ से तीखी झड़प हुई। कहासुनी के बाद एआरटीओ दफ्तर छोड़कर जाने लगे, तो युवक उनकी बोलेरो के सामने ही लेट गए और हंगामा शुरू कर दिया। एआरटीओ दफ्तर में बवाल होने की सूचना पर पहुंची कोतवाली पुलिस ने लोगों को शांत कराया। एआरटीओ ने भी बुधवार को सभी के ड्राइविंग लाइसेंस जारी करने का भरोसा दिया है। मामले में उप संभागीय परिवहन अधिकारी (प्रशासन) केडी सिंह ने बताया कि सुविधा शुल्क मांगने समेत सभी आरोप झूठे हैं। बगरै परीक्षा के सीधे परमानेंट ड्राइविंग लाइसेंस बनाने के लिए यह एजेंटों की साजिश है।