ग्राम पंचायत के विकास से जुड़ी योजनाओं का संचालन पंचायत भवन से होना है। ऐसे में जिन गांव का पंचायत भवन छोटा है, वहां 54 वर्ग मीटर के हॉल का निर्माण कराया जा रहा है। इसके लिए शासन ने जिले की 35 ग्राम पंचायतों को पांच-पांच लाख रुपये का बजट जारी किया है। इसी हॉल में गांव का कॉमन सर्विस सेंटर संचालित होगा।
जिले में 451 ग्राम पंचायत हैं। इन पंचायतों में 101 गांव ऐसे है जहां पूर्व में एक कमरे और बरामदे वाले भवन बनाए गए हैं। यहां पर अब एक हॉल का निर्माण हो रहा है। इसके लिए शासन ने वर्ष 2023-24 में बजट जारी किया। इनके निर्माण की जिम्मेदारी ग्राम पंचायत को दी गई है। इस धनराशि से पंचायत भवन से सटी भूमि पर नौ मीटर लंबा और छह मीटर चौड़ा हॉल बनाया जा रहा है। निर्माण के बाद यहां पर गांव के विकास से जुड़ी बैठकें होंगी साथ ही पंचायत सहायक भी यहीं बैठेंगे।
पंचायत भवन से ही होंगे ऑनलाइन काम
डीपीआरओ अनिल कुमार सिंह ने बताया कि अभी कई गांव में पंचायत सहायक दूसरे स्थान पर बैठकर काम कर रहे हैं। बैठक के साथ ही अन्य कार्य निजी स्थानों से संचालित होते रहे हैं। पंचायत भवन के साथ ही अलग से हॉल का निर्माण होने पर ग्रामीणों को सहूलियत मिलेगी। यहीं पर सीएससी का संचालन होने लगेगा। इससे ग्रामीणों को अपने ऑनलाइन कार्यों के लिए बाहर नहीं जाना पड़ेगा। सभी कार्य पंचायत भवन से संचालित होंगे।
55 पंचायत भवन के विस्तार के लिए मांगा बजट
जिले में 101 पंचायत भवन छोटे या एक कमरे वाले हैं। इनमें से गुलामीपुर, अंबावा पश्चिम, चकहिंगुई, सैदनपुर, जमदुआ व टेवां समेत 35 ग्राम पंचायत का विस्तार किया गया है। शेष बची 55 ग्राम पंचायतों के लिए शासन से बजट की मांग की गई है। इस वित्तीय वर्ष में बजट मिलता है तो इनका भी विस्तार किया जाएगा।