मेडिकल कॉलेज के पीकू वार्ड में भर्ती बच्चे का इलाज करते डॉ. विश्व प्रकाश। संवाद
मौसम में लगातार हो रहे बदलाव का सबसे बड़ा असर छोटे बच्चों पर दिखाई दे रहा है। मेडिकल कॉलेज के बालरोग विभाग की ओपीडी में इन दिनों मरीजों की संख्या तेजी से बढ़ी है। तापमान में गिरावट से खांसी-जुकाम, वायरल बुखार और सांस संबंधी समस्या से जूझते बच्चे बड़ी संख्या में उपचार के लिए अस्पताल पहुंच रहे हैं।
मेडिकल कॉलेज से संबद्ध संयुक्त जिला चिकित्सालय के डॉक्टरों के अनुसार, बीते कुछ दिनों में ओपीडी में आने वाले बच्चों में लगभग 40 फीसदी मरीज मौसमी संक्रमण से प्रभावित पाए गए। हालांकि, अस्पताल में आने वाले कुल मरीजों की संख्या सामान्य दिनों की तुलना में कुछ कम हुई है, लेकिन जो भी बच्चे पहुंच रहे हैं उनमें सर्दी-जुकाम, बुखार और सांस जैसी समस्याएं अधिक देखी जा रही हैं।
बालरोग विशेषज्ञ डॉ. विश्व प्रकाश ने बताया कि पीकू वार्ड में तीन बच्चों का इलाज चल रहा है। कहा कि ठंड की शुरुआत के साथ बच्चों की रोग-प्रतिरोधक क्षमता कमजोर पड़ जाती है, जिससे वे जल्दी संक्रमण की चपेट में आ जाते हैं। उन्होंने अभिभावकों को सलाह दी है कि छोटे बच्चों को ठंडी हवा और धूल से बचाएं। गुनगुने पानी का उपयोग कराएं और लक्षण दिखते ही तुरंत जांच कराएं। साथ ही ठंड से बचाव के लिए गर्म कपड़े पहनाएं और साफ-सफाई का विशेष ध्यान रखें। संवाद
मेडिकल कॉलेज के पीकू वार्ड में भर्ती बच्चे का इलाज करते डॉ. विश्व प्रकाश। संवाद