सरसंवा ब्लाक क्षेत्र के तिरहार इलाके में मौसम का मिजाज लगातार बिगड़ता जा रहा है। न्यूनतम तापमान 09 डिग्री सेल्सियस के आसपास पहुंचने के साथ ही वायु प्रदूषण भी खतरनाक स्तर पर पहुंच गया है। इलाके में वायु गुणवत्ता सूचकांक(एक्यूआई) 200 दर्ज किया गया, जो स्वास्थ्य के लिहाज से बेहद खराब श्रेणी में आता है। सर्दी और प्रदूषण के इस दोहरे प्रकोप से जनजीवन प्रभावित हो रहा है।
सबसे ज्यादा असर यमुना नदी के किनारे बसे महेवघाट, रामनगर, दलेलागंज, ढेरहा, शाहपुर ,उमरांवा, रायपुर, कटरी, डेढ़ावल, भवनसुरी, भारतपुर आदि गांवों में देखा जा रहा है। इन गांवों के बुजुर्गों, बच्चों और पहले से सांस व हृदय रोग से ग्रसित लोगों की स्वस्थ्य समस्याएं सर्दी के साथ ही बढ़ रही हैं।
स्थानीय लोगों सुनील उपाध्याय, विवेक तिवारी, अशोक द्विवेदी, प्रेम विश्वकर्मा, शिवबरन सिंह, चंद्रभान सिंह वीरेंद्र सिंह आदि के मुताबिक सुबह और शाम के समय आंखों में जलन, खांसी, सांस लेने में दिक्कत, सीने में जकड़न और सिरदर्द की शिकायतें बढ़ गई हैं। कई बुजुर्गों को सर्दी के कारण जोड़ों में दर्द और रक्तचाप की समस्या भी परेशान कर रही है।
ग्रामीण इलाकों में अलाव की व्यवस्था न होने से लोगों की परेशानी बढ़ गई है। वहीं, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों पर भी सर्दी, खांसी, बुखार और सांस से जुड़ी बीमारियों के मरीजों की संख्या में इजाफा हुआ है। स्वास्थ्य विभाग की ओर से अभी तक प्रदूषण और सर्दी को लेकर कोई ठोस जागरूकता अभियान या एडवाइजरी गांव स्तर पर नहीं पहुंच पाई है।
क्षेत्रवासियों ने जिला प्रशासन से मांग की है कि तत्काल अलाव की व्यवस्था कराई जाए, बुजुर्गों और बच्चों के लिए कंबल वितरण शुरू हो तथा स्वास्थ्य केंद्रों को अलर्ट मोड पर रखा जाए। साथ ही प्रदूषण पर नियंत्रण के लिए ठोस कदम उठाकर लोगों को राहत दिलाई जाए।