स्वच्छ भारत मिशन कार्यकम की सफलता के लिए जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है। जिंदा इंसानों पर इसका असर तो नहीं दिख रहा है, लेकिन मुर्दे जरूर अभियान का हिस्सा बन गए हैं। भड़ेसर गांव के शौचालय लाभार्थियों की सूची यही कह रही है। शौचालय की रकम पाने वालों की सूची में तीन मृतक भी शामिल हैं। इसका खुलासा होते ही हड़कंप मच गया है। मामले की जांच शुरू करा दी गई है।
जिला मुख्यालय से सटे भड़ेसर गांव में शौचालय निर्माण में घोटाला सामने आया है। गांव के लोगों ने जानकारी होने पर प्रदर्शन कर इसकी शिकायत भी की है। ग्रामीणों का आरोप है कि सेक्रेटरी ने शौचालय निर्माण की रकम डकारने के लिए तीन मुर्दों का नाम सूची में डलवा दिया है। इनमें गांव के नूर मोहम्मद, अमी उल्ला और निजाम शामिल हैं। इसकी जानकारी होते ही ग्रामीणों ने विभाग के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। बुधवार को ग्रामीणों ने इसकी बाकायदा शिकायत भी दर्ज कराई। प्रकरण सामने आते ही जिला पंचायत राज विभाग में हड़कंप मच गया। यह सब कैसे हुआ? इसकी जांच भी शुरू करा दी गई है। आरोप है कि गांव के एक सरकारी कर्मचारी को भी शौचालय का लाभ दिया गया है। इस धांधली पर डीएम व सीडीओ की भी निगाह तिरछी हो गई है। सीडीओ ने मामले को गंभीरता से लेते हुए डीपीआरओ से जांच रिपोर्ट भी मांगी है। इससे सेक्रेटरी के होश उड़ गए हैं।