सिटीजन इंफार्मेशन बोर्ड गायब, कराए जा रहे विकास कार्य
कौशाम्बी ब्लॉक में तीन साल में कराए गए अधिकतर विकास कार्यों में नहीं लगा नागरिक सूचना पट
सामुदायिक परियोजनाओं के लिए पांच व व्यक्तिगत के लिए तीन हजार रुपये रुपये का निर्धारित है बजट
अमर उजाला ब्यूरो
मंझनपुर/बारा। ग्रामीण क्षेत्रों में कराए जा रहे विकास कार्यों में गोलमाल करने का नायाब तरीका खोज लिया गया है। जिम्मेदार सिटीजन इंफार्मेशन बोर्ड (नागरिक सूचना पट) लगाए बगैर ही परियोजनाओं पर काम करा रहे हैं। इससे इसके बारे में आम आदमी को पता ही नहीं चल पा रहा है। कौशाम्बी ब्लॉक में इसकी बानगी देखी जा सकती है।
मनरेगा योजना, चौदहवें वित्त एवं राज्य वित्त से होने वाले विकास कार्य मसलन तालाब की खुदाई/समतलीकरण, चक मार्ग, नाली आदि निर्माण कार्यों में पारदर्शिता के लिए शासन ने परियोजनाएं शुरू करने से पहले सिटीजन इंफार्मेशन बोर्ड (नागरिक सूचना पट) लगवाने का निर्देश दिया है। इसके लिए सरकार ने सामुदायिक परियोजनाओं में पांच हजार रुपये तथा व्यक्तिगत परियोजना के लिए तीन हजार रुपये का बजट निर्धारित किया है। इस बोर्ड में कार्य की लागत, माप, कार्यदायी संस्था, वर्ष आदि का विवरण लिखवाने का निर्देश है, लेकिन गांवों में कराए जाने वाले अधिकतर विकास कार्यों के बोर्ड नहीं लगाए जा रहे हैं। बताया जाता है कि इससे दो तरह का गोलमाल हो रहा है। एक तो बोर्ड के नाम पर मिलने वाली रकम हजम कर ली जा रही है। दूसरा बोर्ड नहीं लगने से विकास कार्यों में अपने हिसाब से खेल कर लिया जाता है। इसकी बानगी कौशाम्बी विकास खंड के विभिन्न गांवों में पिछले तीन साल के दौरान कराए गए विकास कार्यों में देखा जा सकता है।
विभागीय सूत्रों की मानें तो इस ब्लॉक में 2016-17, 17-18 व 18-19 के दौरान विभिन्न गांवों में करीब 4.92 करोड़ की लागत से तकरीबन 195 विकास कार्य कराए गए,लेकिन किसी में सिटीजन इंफार्मेशन बोर्ड नहीं लगाया गया। इसी तरह से चालू वित्तीय वर्ष में भी एक करोड़ की लागत से लगभग 60 परियोजनाओं पर काम चल रहा है, लेकिन छेंकवा, बेंरौचा, रक्सराई, गौहानी आदि किसी भी स्थान पर कराए जा रहे कार्यस्थल पर सिटीजन बोर्ड नहीं लगाया गया है। हैरानी की बात यह है कि अफसर परियोजनाओं का स्थलीय सत्यापन करने भी जाते हैं। इस दौरान उनकी नजर क्यों नहीं पड़ती है। इस बाबत खंड विकास अधिकारी हरिश्चंद्र का कहना है कि निर्देश के बावजूद सिटीजन बोर्ड नहीं लगाने वाले कार्यों का मस्टर रोल रोकने के साथ ही विभागीय कार्रवाई की जाएगी। वहीं पीडी डीआरडीए लक्ष्मन प्रसाद का कहना है कि विकास कार्यों में पारदर्शिता के लिए सिटीजन इंफार्मेशन बोर्ड लगाना आवश्यक है। इसके लिए तकरीबन सभी बैठकों में निर्देश दिया जाता है। इसके बाद भी यदि बोर्ड नहीं लगाया जा रहा है तो जांच कराकर कार्रवाई की जाएगी। -लक्ष्मन प्रसाद, पीडी, डीआरडीए