सड़क हादसों में कमी और दुर्घटनाओं से होने वाली मौतों की संख्या घटाने के उद्देश्य से जिले में एक माह तक राष्ट्रीय सड़क सुरक्षा माह आयोजित किया जाएगा। इसके लिए सभी संबंधित विभागों को शासन स्तर से निर्देश दिए गए है। माध्यमिक विद्यालयों में जागरूकता अभियान के संचालन पर विशेष जोर दिया गया है।
डीआईओएस राजेश कुमार सिंह ने बताया कि राष्ट्रीय सड़क सुरक्षा माह के अंतर्गत सभी विद्यालयों में प्रार्थना सभा के दौरान छात्रों को सड़क सुरक्षा और यातायात नियमों की जानकारी दी जाएगी। साथ ही सड़क सुरक्षा की शपथ भी दिलाई जाएगी। यह कार्यक्रम पुलिस के सहयोग से आयोजित होगा।
पुलिस विद्यालय और महाविद्यालय परिसरों में रोड सेफ्टी क्लब के माध्यम से बिना लाइसेंस और बिना हेलमेट आने वाले शिक्षकों, विद्यार्थियों और अभिभावकों को जागरूक करने का काम करेंगी। प्रत्येक विद्यालय में इस अभियान के लिए एक नोडल अधिकारी नामित किया गया है।
इसके अलावा पुलिस व विद्यालय क्विज प्रतियोगिता, भाषण, पेंटिंग, स्लोगन लेखन, निबंध, वाद-विवाद और अन्य रचनात्मक गतिविधियों के माध्यम से छात्र-छात्राओं और शिक्षकों को यातायात नियमों के प्रति जागरूक करेंगी, जिससे बच्चे समाज को भी दुर्घटनामुक्त बनाने में सहयोग कर सकें।
इसके साथ ही घायल व्यक्ति की सहायता के लिए भी जागरूकता अभियान चलाया जाएगा। स्काउट-गाइड और एनसीसी से जुड़े छात्र-छात्राओं को दुर्घटना की स्थिति में प्राथमिक उपचार, हेलमेट पहनने की अनिवार्यता और वाहन चलाते समय मोबाइल फोन का प्रयोग न करने के प्रति प्रशिक्षित किया जाएगा। एससीईआरटी की ओर से तैयार कवच मॉड्यूल के माध्यम से शिक्षकों को मास्टर ट्रेनर प्रशिक्षण देंगे।
- सड़क हादसों में कमी लाने के लिए जागरूकता बेहद जरूरी है। राष्ट्रीय सड़क सुरक्षा माह के तहत विद्यालयों में बच्चों को यातायात नियमों की जानकारी देकर उन्हें जिम्मेदार नागरिक बनाने का प्रयास किया जा रहा है। पुलिस विभाग परिवहन और शिक्षा विभाग के साथ मिलकर अभियान को सफल बनाएगा।- राजेश कुमार, एसपी