मंझनपुर। जिले के कुपोषित बच्चों की चीख-पुकार पर राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग गंभीर हो गया है। कुपोषित बच्चों के परिजनों को आर्थिक अनुदान न देने पर डीएम से सवाल-जवाब किया गया है। कुपोषित बच्चों में डीएम के गोद लिए गए गांव के पांच बच्चे भी शामिल हैं। डीएम के अलावा 12 अन्य अधिकारियों ने भी कुपोषित बच्चों के गांवों को गोद ले रखा है।
दोआबा विकास उत्थान समिति मंझनपुर, सरसवां व कौशांबी ब्लाक के 35 गांवों का इसी साल जुलाई में सर्वे कर जीरो से पांच वर्ष के 4446 बच्चों को चिह्नित किया था। समिति ने दावा किया था कि सर्वे के दौरान 518 बच्चे कुपोषण की चपेट में थे और उनकी उनकी स्थिती गंभीर थी, जबकि 1355 मध्यम और 1605 बच्चे सामान्य हालत में मिले थे। इस सर्वे में डीएम अखंड प्रताप सिंह द्वारा गोद लिया गया रसूलपुर सोनी भी शामिल था। यहां के पांच बच्चे कुपोषित हैं। इनमें आनंद पुत्र श्रीनाथ, प्रियंका पुत्री कामता, अमन पुत्र लालमन, कमल पुत्र नकुल और विट्टन पुत्री कमलेश शामिल हैं। समिति ने कुपोषित बच्चों के परिजनों को आर्थिक अनुदान देने की मांग की थी। प्रशासन की ओर से कोई पहल न होने पर सर्वे रिपोर्ट भेजकर आयोग से शिकायत की गई थी। बृहस्पतिवार को आई रिपोर्ट के बाद राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग के सदस्य यशवंत जैन ने मामले को गंभीरता से लेते हुए डीएम से सवाल-जवाब किया है। साथ ही यह भी पूछा है कि क्या कुपोषित बच्चों के परिवार को आर्थिक अनुदान दिया जा रहा है अथवा नहीं। यशवंत जैन के अलावा मामले में अनुपम मिश्र ने भी डीएम से जांच रिपोर्ट मांगी है, साथ ही दस्तावेजी साक्ष्य के साथ। जांच रिपोर्ट 30 दिन के भीतर डीएम से मांगी गई है।
एक हजार मिलता है आर्थिक अनुदान
कुपोषित बच्चों की सेहत की देखभाल के लिए परिजनों को एक हजार रुपये का आर्थिक अनुदान देने का निर्देश मुख्य सचिव ने दिया था। जिले में अति कुपोषित बच्चों की संख्या ज्यादा है। इसके बावजूद कुपोषित बच्चों के परिजनों को आर्थिक अनुदान नहीं दिया गया।
बच्चों के साथ नहीं हो रहा इंसाफ
दोआबा विकास उत्थान समिति के सदस्य परवेज रिजवी ने बताया कि जिले के कुपोषित बच्चों के साथ इंसाफ नहीं हो रहा है। बच्चों की हालत गंभीर है। इसकी लगातार जानकारी डीएम के अलावा अन्य अधिकारियों को दी जा रही है। इसक बाद भी कार्रवाई नहीं हो रही है।
इन गांवों की स्थिति बदतर
मंझनपुर ब्लाक के 24 गांव के बच्चे कुपोषित हैं। इनमें सैंबसा, अमुरा, मीरापुर, तियरा, महेंद्र और मोअज्जमपुर समेत आदि गांव हैं। इसके अलावा कौशांबी ब्लाक के रसूलपुर सोनी, हकीमपुर, मझियारी व सरसवां ब्लाक के लोधौरा गांव आदि हैं।
खेत में बकरी जाने पर दंपत्ति को पीटा
मंझनपुर (ब्यूरो)। करारी के छोटा पचम्भा में खेत में बकरी के जाने पर दंपत्ति को किसान ने परिजनों की मदद से पीट दिया। इससे दोनों को चेाटें आई हैं। दोनों का जिला अस्पताल में इलाज रहा है। पुलिस ने मामला नहीं दर्ज किया है।
छोटा पचम्भा की इंद्ररानी की बकरी दो अक्तूबर को गांव के ही एक किसान के खेत में चली गई थी। जब तक इंद्ररानी बकरी को निकालती। किसान मौके पर पहुंच गया और अभद्रता शुरू कर दी। इंद्ररानी के पति इंद्रराज ने इसका विरोध किया तो अपने परिजनों की मदद से उसको पीट दिया। बीच बचाव कराने पर इंद्ररानी को मारापीटा। मारपीट में इंद्रराज को गंभीर चोटें आई हैं। जिला अस्पताल में इंद्रराज का इलाज हो रहा है। इंद्ररानी ने रिर्पोट दर्ज न होने पर गुरुवार को एसपी से गुहार लगाई है।
आरोपियों को गिरफ्तार करने की मांग
मंझनपुर (ब्यूरो)। करारी के बैंशकांटी निवासी रामलौटन ने डीआइजी को शिकायती पत्र देकर अपनी बेटी के हत्यारोपी ससुरालियों की गिरफ्तारी की मांग की है। रामलौटन का कहना है कि पुलिस ने पति श्रीलाल व उसके पिता लखन लाल को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है, जबकि अन्य आरोपियों को महेवाघाट थाने की पुलिस गिरफ्तार कर रही है। बताया कि उसकी बेटी को दहेज न मिलने के कारण ससुरालियों ने जहर देकर 14 जुलाई को मार डाला था।