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अस्पताल से गायब रहते हैं डॉक्टर

Sun, 11 Sep 2016 12:40 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो कौशाम्बी
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 सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में तैनात चिकित्सक मनमानी पर उतारू हैं। मरीजों से पहले इनका इलाज जरूरी हो गया है। शनिवार को सीएचसी में तैनात नौ चिकित्सकों में महज चार ही मौजूद रहे। इनमें भी अधीक्षक और एक महिला चिकित्सक देर से अस्पताल पहुंची। अस्पताल आए मरीजों को बाहर से दवाएं लिखीं गई तो कुछ को बिना इलाज के ही वापस कर दिया गया।
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   सरायअकिल सीएचसी में अधीक्षक डॉ. एसके ठुकराल समेत छह पुरुष और तीन महिला चिकित्सकों की तैनाती है। सुबह आठ बजे अस्पताल खुलने के बाद मरीजों का इलाज करने के लिए डॉ. आबिद शहीद और ज्ञान ही मौजूद रहे। अधीक्षक और महिला चिकित्सक अलकामा दो घंटे लेट पहुंचे। उधर दो घंटे में लगभग सौ मरीज इलाज की पर्ची कटवाकर चिकित्सकों के आने का इंतजार कर रहे थे। कई मरीज ऐसे थे जो वायरल बुखार की वजह से खासा परेशान नजर आए। इनमें से कुछ मरीजों को देखकर चिकित्सकों ने दवाएं बाहर से लिखी तो कुछ को बगैर इलाज के ही लौटा दिया गया। कुल मिलाकर चिकित्सकों की मनमानी पर अंकुश लगाने के लिए सीएमओ को इनका इलाज करना होगा। बगैर इलाज के चिकित्सकों की मनमानी पर अंकुश लगा पाना आसान नहीं होगा।


रोहित को भगाया तो चंद्रशेखर को लिखी दवाएं
= सीएचसी सरायअकिल में शनिवार को बुखार पीड़ित रोहित पुत्र मैकू निवासी दरियाव का पूरा पहुंचा। पर्ची कटवाने के बाद जब वह डॉक्टर के पास पहुंचा तो चिकित्सकों ने यह कहकर भगा दिया कि उसे कुछ नहीं है। चिकित्सक कक्ष से बाहर निकलने के बाद वह टीनशेड के नीचे बीमारी से देर तक तड़पता रहा। बुखार से पीड़ित पुरखास निवासी चंद्रशेखर पुत्र शिवचरन अस्पताल पहुंचा तो चिकित्सकों ने उसे अस्पताल से दवा न देकर बाहर से दवाएं लिख दी। ऐसे में सवाल यह उठता है कि क्या सीएचसी में बुखार तक की दवा नहीं है।
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बगैर चले तेल पी रहा जनरेटर
= सीएचसी सरायअकिल में कोल्डचेन स्टोर में रखी दवाओं को खराब होने से बचाने और मरीजों की सुविधा को देखते हुए जनरेटर का इंतजाम किया गया है। अस्पताल में लाखों रुपये की लागत से आया जनरेटर बगैर चले ही तेल पी रहा है। उधर जनरेटर न चलने से प्रसव के लिए आने वाली महिलाओं को रात भर गर्मी में तड़पना पड़ता है। मामले की शिकायत मरीज सीएचसी अधीक्षक से करते हैं पर कोई सुनने वाला नहीं है।

नेत्र सर्जन की नहीं हो सकी तैनाती, सहायक कर रहे इलाज
= सीएचसी सरायअकिल में नेत्र सर्जन कक्ष तो है पर चिकित्सक नहीं। यहां पर आने वाले नेत्र रोगियों का इलाज सहायक हर गोविंद सिंह द्वारा किया जाता है। इससे सहायक को भी तमाम दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। कभी-कभी आंख की गंभीर बीमारी से ग्रसित मरीज आ जाते हैं तो सहायक को उसका मजबूरन इलाज करना पड़ता है या उसे रेफर करना पड़ता है।

शनिवार अवकाश रहता है। इस दिन रोस्टर के हिसाब से चिकित्सकों की ड्यूटी लगाई जाती है। मरीजों को बाहर से दवा लेनी पड़ती है इसकी जानकारी नहीं है। मामले की जांच कराकर कार्रवाई की जाएगी।
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डॉ. एसके उपाध्याय, सीएमओ
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