सरायअकिल। चंगाई सभा रोकने गई सरायअकिल पुलिस रविवार को बिरनेर गांव से बैरंग लौट आई। एसडीएम, सीओ व एसओ को सभा में शामिल महिलाओं ने घेर लिया था। इससे पुलिस सभा तो नहीं रोक सकी।
एसडीएम चायल जितेंद्र श्रीवास्तव व सीओ राजकुमार त्रिपाठी रविवार को बिना इजाजत के चंगाई सभा होने की सूचना पर सरायअकिल पुलिस के साथ बिरनेर गए थे। पुलिस ने आयोजक पारुल मसीह, श्रीचंद्र, लालचंद्र, रावेन्द्र, उमेश, विनोद व संदीप को पकड़ लिया। यह देख सभा में शामिल महिलाएं बिफर गईं। महिलाओं ने पुलिस को घेरकर हंगामा करना शुरू कर दिया। आक्रोश देख अफसरों के हाथ-पांव फूल गए। एसओ हेमंत मिश्र ने रिकार्डिंग कर रहे लालचंद्र का मोबाइल छीन लिया था। बाद में विरोध बढ़ता देख रिकार्डिंग डिलीट कर मोबाइल लौटाना पड़ा। इसके बाद पुलिस अधिकारी खुद ही आयोजकों से सभा करकोतवाली आने की बात कहकर चले गए। घंटों बाद तक आयोजक कोतवाली नहीं गए। इसके बाद भी उनके खिलाफ किसी तरह की कार्रवाई नहीं की गई। इसे लेकर हिंदू संगठनों के लोगों में गहरी नाराजगी है। विहिप के जिला संगठन मंत्री विनीत कुमार का कहना है कि चंगाई सभा में हिंदू देवी-देवताओं का अपमान किया जाता है। आरोप है कि हिंदुओं का धर्म परिवर्तित कराया जाता है। ऐसा करने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई नहीं की गई तो आंदोलन किया जाएगा। मामले में सरायअकिल एसओ हेमंत मिश्र का कहना है कि फिलहाल रिपोर्ट नहीं लिखी गई है। आयोजकों को चिन्हित करने के बाद केस दर्ज कर कार्रवाई की जाएगी।