चैत्र नवरात्रि का आठवां दिन बेहद खास माना जाता है, जिसे दुर्गा अष्टमी या महाष्टमी के नाम से जाना जाता है। इस दिन मां दुर्गा के आठवें स्वरूप मां महागौरी की पूजा की जाती है। हालांकि इस बार दुर्गा अष्टमी की तारीख को लेकर लोगों के बीच थोड़ी असमंजस की स्थिति बनी हुई है, क्योंकि अष्टमी तिथि दो दिन तक पड़ रही है।
हुबलाल संस्कृत महाविद्यालय के पूर्व प्राचार्य पंडित ज्ञानेंद्र शास्त्री ने बताया कि पंचांग के अनुसार चैत्र शुक्ल अष्टमी तिथि की शुरुआत 25 मार्च को शाम 04:28 से शुरू होगी और इसका समापन 26 मार्च को दोपहर 02:10 बजे हो जाएगा। ऐसे में उदया तिथि के अनुसार दुर्गा अष्टमी 26 मार्च को मनाई जाएगी।
कन्या पूजन के लिए दुर्गा अष्टमी और महानवमी का दिन विशेष माना जाता है। दोनों दिन छोटी कन्याओं को देवी का स्वरूप मानकर उनकी पूजा कर भोजन कराया जाता है। भक्त दुर्गा अष्टमी कन्या पूजन 26 मार्च, महानवमी कन्या पूजन 27 मार्च को कर सकते हैं।
कब होगा नवरात्र व्रत का पारण
पंडित ज्ञानेंद्र शास्त्री ने बताया कि 27 मार्च को दोपहर 12:02 तक नवमी तिथि रहेगी। इसके बाद दशमी तिथि लग जाएगी। लिहाजा 27 मार्च को दोपहर 12:02 के बाद व्रत का पारण होगा।