चैत्र नवरात्र की शुरुआत बृहस्पतिवार से घटस्थापना के साथ मां दुर्गा की पूजा से आरंभ होगी। नवरात्र के नौ दिनों तक श्रद्धालु मां दुर्गा के नौ अलग-अलग स्वरूपों की पूजा-अर्चना कर सुख, समृद्धि और खुशहाली की कामना करते हैं। इस बार चैत्र नवरात्र की शुरुआत तीन विशेष शुभ योग में हो रही है।
हुबलाल संस्कृत महाविद्यालय के पूर्व प्राचार्य पंडित ज्ञानेंद्र शास्त्री ने बताया कि इस बार चैत्र नवरात्र की शुरुआत तीन विशेष शुभ योग शुक्ल योग, ब्रह्म योग और सर्वार्थ सिद्धि योग में हो रही है। शुक्ल योग में पूजा-पाठ, व्रत, जप और धार्मिक कार्य करने से विशेष पुण्य मिलता है। वहीं, ब्रह्म योग में अध्ययन, मंत्र साधना, ध्यान और धार्मिक ग्रंथों का अध्ययन विशेष फलदायी होता है।
कलश स्थापना का शुभ मुहूर्त
नवरात्र के पहले दिन देवी की पूजा के साथ-साथ कलश स्थापित भी किया जाता है। यह बेहद शुभ और सुख-सौभाग्य लेकर आता है। बृहस्पतिवार को पहला शुभ मुहूर्त सुबह 6:52 बजे से सुबह 7:43 बजे तक रहेगा। दूसरा मुहूर्त दोपहर 12:05 बजे से 12:53 बजे तक रहेगा। वहीं 26 मार्च को अष्टमी व 27 नवमी को कन्या पूजन किया जाएगा।
व्रत का पारण कब होगा
पंडित ज्ञानेंद्र शास्त्री ने बताया कि 27 मार्च को दोपहर 12:02 बजे तक नवमी तिथि रहेगी। इसके बाद दशमी तिथि लग जाएगी। लिहाजा 27 मार्च को दोपहर 12:02 के बाद व्रत का पारण किया जाएगा।