सिराथू (कौशाम्बी)। विकास खंड कड़ा की ग्राम पंचायत सयांरामीठेपुर में लोगों पेयजल उपलब्ध कराने के लिए स्वजलधारा योजना में करीब सात लाख पचासी हजार रुपये की कार्य योजना तैयार की गई थी। मिली धनराशि से कार्य न कराते हुए रकम गबन कर लिया गया है। डीडीओ की जांच में दोषी पाए गए स्वच्छता समिति के अध्यक्ष एवं कोषाध्यक्ष से धन वसूली होगी। जिला विकास अधिकारी ने दोषी समिति के सदस्यों से रिकवरी कराए जाने का फरमान जारी किया है।
सिराथू तहसील क्षेत्र की ग्राम पंचायत सरांयामीठेपुर में स्वजलधारा योजना के तहत 18 लाख 42 हजार रुपये की योजना से आधा दर्जन परियोजनाएं स्थापित की जानी थीं। आरोप है कि गांव में योजना के पैसे का सही इस्तेमाल किए जाने के बजाए बंदर बांट कर लिया गया। ग्रामीणों ने अनियमितता की शिकायत डीएम समेत तमाम प्रशासनिक अफसरोें से की थी। डीएम के निर्देश पर डीडीओ ने जांच पूरी कर अपनी रिपोर्ट डीएम को सौंप दी है। रिपोर्ट में दूसरी किश्त में निकाले गए करीब 7 लाख 85 हजार रुपये का गबन होना पाया गया है। डीडीओ ने बताया कि स्वच्छता समिति के अध्यक्ष और कोषाध्यक्ष द्वारा सरकारी धन का गबन किया गया है।
डीडीओ ने स्वच्छता समिति के पदाधिकारियोें को नोटिस जारी कर एक सप्ताह के अंदर दूसरी किश्त का पैसा बैंक ड्राफ्ट के माध्यम से सीडीओ या डीडीओ के नाम जमा करने का फरमान जारी कर दिया है। कहा है कि एक सप्ताह में पैसा नहीं लौटाया तो वसूली के लिए कार्रवाई शुरू कर दी जाएगी। डीडीओ के इस पत्र से हड़कंप मचा हुआ है। ग्राम प्रधान कमलेश कुमार का कहना है कि सरकारी घोटाला समिति के सदस्यों ने नहीं बल्कि जेई और ठेकेदार ने मिलकर किया है।