विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के बाद सहायक निर्वाचन अधिकारी की ओर से 22920 मतदाताओं को नोटिस जारी की गई थी, जिनकी सुनवाई 14 ईआरओ (इलेक्शन रजिस्ट्रेशन ऑफिसर) कर रहे हैं। शुक्रवार तक महज 3553 मतदाताओं की ही सुनवाई पूरी हो पाई है। वहीं, कुछ मतदाताओं ने आरोप लगाया कि एसआईआर के बाद भी उनके नाम लिस्ट से काट दिए गए और नोटिस दी गई है।
चायल विधानसभा क्षेत्र में एसआईआर के पहले कुल मतदाता 404036 थे। वहीं, अब 178211 पुरुष और 142691 महिला समेत कुल 320902 मतदाताओं को मतदाता सूची में शामिल किया गया है। जबकि 83 हजार से अधिक मतदाताओं के नाम कट चुके हैं।
तहसील कोर्ट में नोटिस की सुनवाई कर रहे नायब तहसीलदार सौरभ सिंह ने बताया कि सरायअकिल क्षेत्र के 1610 मतदाताओं के दस्तावेजों की जांच बाकी है, जिनमें से शुक्रवार तक करीब 518 की जांच हो चुकी है।
मतदाता ईआरओ कोर्ट में हाजिर होकर अपना-अपना दस्तावेज जमा कर रहे हैं। बूंदा गांव के मनोज कुमार, गोपाल और फूलकली ने बताया कि उन्होंने 2003 में मतदान किया था और एसआईआर भी कराया था, फिर भी नोटिस मिल गई।
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हर चुनाव में मतदान करता आया हूं। 2003 की मतदाता सूची में नाम भी दर्ज है। एसआईआर के बाद की मतदाता सूची में मेरी पत्नी रहमतुन का नाम शामिल है। जबकि हमें नोटिस भेज दी गई है। -अजीज अहमद, खोंपा
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हमारी शादी को 32 साल हो गए, तब मतदान कर रही हूं, अब पूरे परिवार को नोटिस भेज दी गई। दो दिन पहले पति ने दस्तावेज जमा किया है। आज ब्लाक परिसर में हम तीन महिलाएं कागज जमा करने आईं हैं। -बीना देवी, बूंदा
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मतदाता सूची को शुद्ध बनाने के लिए यह प्रक्रिया चल रही है। प्रभावित मतदाताओं को निर्धारित दस्तावेजों के साथ दावा प्रस्तुत होने की नोटिस भेजी गई थी। ताकि जांच के बाद उनका नाम सूची में शामिल किया जा सके। -अरुण कुमार, सहायक निर्वाचन अधिकारी, चायल
अजीज अहमद- फोटो : उद्योग बंधु समिति की बैठक में मौजूद अधिकारी व अन्य।
अजीज अहमद- फोटो : उद्योग बंधु समिति की बैठक में मौजूद अधिकारी व अन्य।