सीबीआई की दो सदस्यीय टीम शुक्रवार को खनन के चार साल के दस्तावेज लेकर रवाना हो गई है। टीम चार दिन से अवैध खनन से जुड़े एक-एक बिंदु को बारीकी से खंगाल रही थी। बाधित अवधि, नवीनीकरण का लाभ पाने वाले कई पट्टाधारकों से पूछताछ करने के अलावा खनन निरीक्षक से भी सवाल-जवाब किया गया है।
सीबीआई की दो सदस्यीय टीम ने शुक्रवार को अंतिम दिन मई 2012 के बाद जिले भर के यमुना भूखंडों पर किए गए बालू खनन की बारीकी से छानबीन की। वर्ष 2012 से 16 तक जिले में किन-किन लोगों को बाधित अवधि, नवीनीकरण का लाभ दिया गया व किन लोगों ने डंप परमिट के सहारे बालू खनन का कारोबार किया, इन सबको लेकर सीबीआई ने जमकर कसरत की। गुरुवार को खनिज कार्यालय से दस्तावेज जुटाने के बाद शुक्रवार सुबह से कई कारोबारियों को कैंप कार्यालय में बुलाया गया।
इस दौरान टीम ने बाधित अवधि, नवीनीकरण व डंप लाइसेंस की बाबत विस्तार से पूछताछ की। सीबीआई की सघन पूछताछ से माना जा रहा है कि अवैध खनन की जद में नवीनीकरण, बाधित अवधि का लाभ पाने वाले कारोबारी भी आ सकते हैं। बहरहाल चार साल के अभिलेख सीबीआई द्वारा जुटाए जाने से खनन कारोबारियों में हड़कंप है।