नोटबंदी के बाद से छोटे कारोबारियों की कमर ही टूट गई है। ये वह कारोबारी हैं, जो बड़े कारोबारियों के भरोसे अपनी गाड़ी खींचते हैं। जैसे-जैसे नोटबंदी के 50 दिन पूरे हो रहे हैं, वैसे-वैसे इनकी छटपटाहट बढ़ने लगी है। कारोबारियों की जेब के साथ उनकी दुकान भी खाली हो चुकी है। बाजार की रौनक न लौटने से यह कारोबारी परेशान हैं। कैशलेस के दौर में इन दुकानदारों को नगदी पर भरोसा है। यही कारण है कि यह परेशान हैं।
मंझनपुर चौराहे पर सलमान ने मोबाइल शॉप खोल रखी है और अनुराग ने कपड़े की दुकान। बगल में फैसल ने जूते का शोरूम खोल रखा है। इनका कहना है कि नोटबंदी के बाद से कारोबार एकदम सुस्त हो गया है। अनुराग का कहना है कि इतने बड़े-बड़े त्योहार निकल गए, लेकिन बाजार में गरमाहट नहीं आई। कहा कि ठंड का सीजन चल रहा है, लेकिन गरम कपड़ों की भी बिक्री उस हिसाब से नहीं हो रही है, जिसकी इस सीजन में उम्मीद की जानी चाहिए। अनुराग ने बताया कि इस सीजन में उनके यहां गरम कपड़े का ढेर लगा रहता था, लेकिन अबकी दुकान में ज्यादा कपड़ा नहीं है। बताया कि कारोबार जोर ही नहीं पकड़ रहा है।
देहात से ग्राहक नहीं आ रहे हैं। फैसल व सलमान ने बताया कि नोटबंदी के बाद से कारोबार तगड़ा प्रभाव पड़ा है। उम्मीद थी कि स्थिति सुधर जाएगी, लेकिन ऐसा होता नहीं दिख रहा है। ग्राहक दुकान की ओर आते ही नहीं है। सलमान ने बताया कि मोबाइल आदि की उन्होंने नई खेप इस महीने मंगाई ही नहीं है। कैशलेस व्यवस्था के बारे में इन्होंने बताया कि इतनी दुकानदारी नहीं है कि वह पीओएस मशीन लगवाएं। बड़े कारोबारियों के भरोसे उनका कारोबार चलता है। उधार और नगद का लेनदेन बराबर होता रहता है तो उनको सामान मिलता है। अब इस दौर में यह प्रक्रिया खत्म होती दिख रही है। ऐसे में उनका काम कैसे चलेगा और ग्राहकों को वह कैसे संतुष्ट करें। अब ग्राहक उधार मांग लेता है तो उन्हें कई बार सोचना पड़ता है।
पीओएस मशीन के लिए आने लगे आवेदन
कारोबारियों के लिए बैंकर्स ने पीओएस व स्वैप मशीन उपलब्ध कराने की प्रक्रिया तेज कर दी है। इसके लिए बैंकर्स कारोबारियों से आवेदन ले रहे हैं। निर्धारित शुल्क जमा कराने के बाद यह मशीन उपलब्ध कराई जा रही है। लगभग सभी बैंक करेंट एकाउंट खाताधारकों को यह मशीन मुहैया करा रहे हैं। एलडीएम दिनेश मिश्र ने बताया कि इन मशीनों की डिमांड में तेजी आई है। जल्द से जल्द ग्राहकों को यह मशीन उपलब्ध कराई जाएगी। बताया कि 35 से ज्यादा आवेदन मिले हैं।
ठप हो गए जिला मुख्यालय के एटीएम
जिला मुख्यालय में लगे एटीएम शनिवार शाम से ठप चल रहे हैं। सोमवार को बैंक खुले तो लोगों की उम्मीद जगी कि एटीएम चालू होंगे, लेकिन ऐसा नहीं हो सका। जिला मुख्यालय के अधिकांश एटीएम बंद ही रहे। कई एटीएम तो ऐसे थे, जहां सर्वर ही नहीं था। वहीं बीओबी के एटीएम में विद्युत कनेक्शन ही नहीं था। नतीजतन लोगों को बैंकों में लाइन लगाना पड़ा।