सरायअकिल के पुरखास गांव में संचालित आयशा मेडिकेयर के संचालक को सील तोड़कर दोबारा अस्पताल संचालित करना महंगा पड़ गया। पीएचसी नेवादा के प्रभारी चिकित्साधिकारी डाॅ. मुक्तेश द्विवेदी ने संचालक हफीज अहमद के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया है। केस दर्ज होने की भनक लगते ही संचालक अस्पताल छोड़कर फरार हो गया है।
स्वास्थ्य विभाग के मुताबिक पुरखास स्थित आयशा मेडिकेयर बिना पंजीकरण के अवैध रूप से संचालित किया जा रहा था। संचालक हफीज अहमद के पास कोई चिकित्सकीय योग्यता भी नहीं थी। मानक के अनुरूप पर्याप्त स्थान और अग्निशमन विभाग का अनापत्ति प्रमाणपत्र भी नहीं मिला था। 24 जुलाई को झोलाछाप के नोडल अधिकारी डाॅ.राहुल सिंह के निरीक्षण में ऐसी तमाम खामियां मिलने पर अस्पताल संचालक हफीज अहमद को नोटिस जारी कर हफ्ते भर के भीतर स्पष्टीकरण तलब किया था, लेकिन समय बीतने के बाद भी संचालक ने नोटिस का कोई जवाब नहीं दिया। इस पर 14 अगस्त को नोडल अधिकारी ने पीएचसी नेवादा के प्रभारी डाॅ.मुक्तेश द्विवेदी के साथ पहुंचकर अस्पताल सील कर दिया। डाॅ.मुक्तेश ने बताया कि अस्पताल सील होने के बाद भी संचालक ने सील तोड़कर दोबारा अस्पताल का संचालन शुरू कर दिया। कुछ लोगों ने सीएमओ डाॅ.संजय कुमार को इस मामले की सूचना दी। सीएमओ के आदेश पर रविवार शाम संचालक हफीज अहमद के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया गया है।