पोस्टमार्टम हाउस में मौजूद मृतक मयंक दुबे के परिजन। संवाद
- फोटो : samvad
कोतवाली के कोर्रईं गांव स्थित एआरटीओ ऑफिस के समीप बुधवार की रात कैप्सूल वाहन(टैंकर) की टक्कर से पलटी कार करीब सौ मीटर तक सड़क पर घिसटती चली गई। हादसे में निजी अस्पताल के कंपाउंडर की मौत हो गई। जबकि साथ रहे कार सवार चिकित्सक गंभीर रूप से घायल हो गए। पुलिस ने चिकित्सक प्रयागराज के एसआरएन अस्पताल में भर्ती कराया है।
कड़ाधाम कोतवाली के रामपुर बढ़नावां निवासी नवल किशोर का 21 वर्षीय बेटा मयंक दुबे सिराथू स्थित एक निजी अस्पताल में कंपाउंडर था। जबकि उसी अस्पताल में तुलसीपुर निवासी डाॅ. रोहित कुमार प्रैक्टिस करते हैं। बुधवार को दोनों किसी काम से मंझनपुर गए थे।
नवल किशोर ने बताया कि रात करीब 10 बजे घर लौटते समय वह जैसे ही कोर्रईं गांव स्थित एआरटीओ ऑफिस के समीप पहुंचे थे, तभी पीछे से आ रहे तेज रफ्तार टैंकर ने उनकी कार में टक्कर मार दी। इससे कार अनियंत्रित होकर पलट गई। कार टैंकर के अगले हिस्से में फंसकर करीब सौ मीटर दूर तक घिसटती चली गई। तब चालक ने टैंकर रोका। हादसे के बाद चालक व परिचालक मौके से भाग निकले।
हादसे के बाद तेज आवाज और शोर-गुल सुनकर मौके पर पहुंचे राहगीर भागकर मौके पर पहुंचे। दोनों लोगों को कार से बाहर निकाला गया, लेकिन तब तक मयंक की सांसें थम चुकी थीं। जबकि रोहित गंभीर रूप से जख्मी हो गए थे। पुलिस ने मौके की औपचारिकताएं पूरी कीं।
पुलिस ने मयंक का शव पोस्टमार्टम के लिए भेजकर रोहित को मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया। हालत नाजुक होने पर चिकित्सकों ने रोहित को प्रयागराज के एसआरएन अस्पताल रेफर कर दिया। घटना की जानकारी होने पर दोनों के परिजन भी अस्पताल पहुंचे। इंस्पेक्टर सुनील कुमार सिंह ने बताया कि क्षतिग्रस्त वाहनों को कब्जे में लेते हुए चालक व परिचालक की तलाश की जा रही है।
पोस्टमार्टम हाउस में मौजूद मृतक मयंक दुबे के परिजन। संवाद- फोटो : samvad
पोस्टमार्टम हाउस में मौजूद मृतक मयंक दुबे के परिजन। संवाद- फोटो : samvad