मंझनपुर। प्रयागराज के एसआरएन स्थित कोविड एल-3 अस्पताल से बुधवार की रात भाग निकली जिले की एक संक्रमित महिला ने गुरुवार की सुबह दम तोड़ दिया। वह ब्लड कैंसर से पीड़ित थी। जिला प्रशासन ने कोविड प्रोटोकाल के तहत परिजनों की मौजूदगी में संक्रमित महिला के शव का अंतिम संस्कार करा दिया।
कड़ा ब्लॉक के एक गांव की 40 वर्षीय महिला ब्लड कैंसर से पीड़ित थी। वह 26 अगस्त को प्रयागराज के एक निजी अस्पताल में इलाज कराने पहुंची तो चिकित्सकों ने प्राइवेट लैब से कोविड टेस्ट कराया। 30 जुलाई को रिपोर्ट पॉजिटिव आने पर जानकारी कौशाम्बी प्रशासन को दी गई। इसके बाद स्वास्थ्य विभाग की टीम संक्रमित महिला की खोजबीन में जुट गई। गलत पता दर्ज कराने की वजह से उसे खोजने में 24 घंटे लग गए। 31 जुलाई को स्वास्थ्य विभाग की एंबुलेंस से लाकर उसे संयुक्त जिला चिकित्सालय स्थित कोविड एल-2 अस्पताल में भर्ती कराया गया। बाद में तबीयत बिगड़ने पर महिला को प्रयागराज के एसआरएन स्थित एल-3 अस्पताल रेफर कर दिया गया।
दो सितंबर की शाम वह संदिग्ध परिस्थितियों में एल-3 अस्पताल से भाग निकली। प्रयागराज प्रशासन ने कौशाम्बी प्रशासन को इसकी सूचना दी तो हड़कंप मच गया। डीएम मनीष कुमार वर्मा के निर्देश पर गुरुवार को तहसीलदार सिराथू स्थानीय पुलिस के साथ संक्रमित महिला के घर पहुंचे तो पता चला कि उसकी मौत हो गई है। इसके बाद प्रशासन ने कोविड नियमों के तहत प्रोटोकाल का पालन कराते हुए संक्रमित महिला के शव का अंतिम संस्कार करा दिया। परिजनों ने बताया कि अस्पताल से आने के बाद वह घर से बाहर नलकूप पर रुकी हुई थी।
प्रयागराज प्रशासन की ओर से एक संक्रमित महिला के अस्पताल से भागने की सूचना पर तहसील प्रशासन को उसके गांव भेजा गया था। लेकिन तब तक संक्रमित महिला की मौत हो चुकी थी। महिला ब्लड कैंसर से पीड़ित थी। कोविड प्रोटोकॉल के तहत परिजनों की मौजूदगी में उसके शव का अंतिम संस्कार करा दिया गया। साथ ही उसके संपर्क में आए लोगों को चिह्नित कर उनकी जांच कराई जा रही है।
मनीष कुमार वर्मा-डीएम