Canal water closed after crop failure
- फोटो : KAUSHAMBI
फसल बर्बाद होने के बाद बंद किया गया नहर का पानी
प्रभावित किसानों ने बैठक कर दी आंदोलन की चेतावनी
च़ायल। नेवादा ब्लॉक के कुंडारी गांव में प्रशासन की अनदेखी के चलते शनिवार को नहर के पानी से किसानों की करीब पचास बीघा फसल बर्बाद हो गई। मामले में खबर प्रकाशित होने के बाद तिलहापुर माइनर में रविवार को पानी की सप्लाई बंद कर दी गई। इससे किसानों ने राहत की सांस ली। पीड़ित किसानों ने नहर को कब्जामुक्त करवा कर बर्बाद हुई फसल के मुआवजे की मांग की है। जल्द कार्रवाई नहीं होने पर आंदोलन की चेतावनी भी दी है।
फतेहपुर के किशुनपुर एकडला पंप कैनाल से निकलने वाली तिलहापुर माइनर नेवादा के सुरसेनी गांव से कटकर गोविंदपुर, हाशिमपुर किनार, इमली गांव, गौरा, अमिरसा होते हुए कुंडारी गांव के बाद ससुर खदेरी नदी में जाकर मिल जाती है। मगर कुंडारी गांव में ही कुछ दबंगों ने नहर को पाटकर अपने खेत में मिलाने के साथ ही नहर काटकर खोल दिया। इससे के चलते नहर में पानी आने पर शुक्रवार रात अमिरसा निवासी मोहनलाल, शंकरलाल, राम विशाल, गया प्रसाद, काशी प्रसाद समेत दो दर्जन से ज्यादा किसानों की करीब पचास बीघा गेहूं, सरसों, आलू, मटर व जवा की फसल जलमग्न हो गई। रविवार को खबर प्रकाशित होने के बाद फिलहाल पंप कैनाल से नहर का पानी बंद कर दिया गया है। फसल बर्बाद होने का यह सिलसिला पांच वर्षों से चल रहा है। ग्रामीणों का आरोप है कि बार-बार शिकायत के बावजूद उनकी समस्या का समाधान नहीं किया जा रहा है। नहर को कब्जामुक्त करवाने के लिए प्रशासन की तरफ से अभी तक कोई कार्रवाई नही की गई है। ऐसे में दोबारा पानी छोड़े जाने पर और ज्यादा फसलों के बर्बाद होने की आशंका है। पीड़ित किसानों ने रविवार को गांव में बैठक कर जल्द ही जिलाधिकारी से मिलकर नहर कब्जामुक्त करवाने और बर्बाद हुई फसलों के लिए मुआवजा की मांग करेंगे। कार्रवाई न होने पर किसानों ने आंदोलन की चेतावनी भी दी।