रजवाहे की पटरी टूटने से बह रहे पानी को रोकते ग्रामीण
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बेरौंचा माइनर में क्षमता से अधिक पानी छोड़े जाने पर पटरी रविवार सुबह फट गई। इससे नहर का पानी आगे बढ़ना बंद हो गया। उधर खेतों के सहारे नहर का पानी बिना उपयोग के पुन: यमुना में पहुंच रहा है। ग्रामीणों ने इसकी जानकारी बेलदार को दी पर कोई पटरी बांधने नहीं पहुंच सका। माइनर में पानी आगे नहीं बढ़ने से आधा दर्जन गांवों के लोगों में नाराजगी है।
भीषण गर्मी और तपिश को देखते हुए शासन के फरमान पर किशनुपर पंप कैनाल के सातों पंप चालू कर दिए गए हैं। इससे नहर में बाट बराबर पानी बह रहा है। रोस्टर के मुताबिक मुख्य नहर से पानी बेरौंचा माइनर में छोड़ा गया। रविवार की सुबह बेहनपुरवा गांव के सामने माइनर की पटरी कमजोर होने की वजह से फट गई। इससे नहर का पानी बगैर उपयोग में आए खेतों और नालों से होकर यमुना में पहुंच रहा है।
पटरी फटने से आगे के गांव दाई का पुरवा, मुड़िया डोली, गुरौली, बेरौंचा, कैलाशपुर आदि आधा दर्जन गांवों से गुजरी माइनर सूखी है। बेहन पुरवा गांव के लोगों ने पटरी फटने की सूचना बेलदार को दी पर बांधना तो दूर कोई देखने नहीं पहुंच सका। इसे लेकर इलाकाई लोगों में नाराजगी है।