एक ही चिता पर भाइयों का अंतिम संस्कार
पोस्टमार्टम के बाद जब दोनों भाइयों के शव गांव पहुंचने पर मातम छा गया। जब दोनों की अर्थियां उठीं तो वहां मौजूद लोगों की आंखें भी भर आईं। गांव के बाहर एक ही चिता लगाई गई। इसमें दोनों भाइयों के शव का अंतिम संस्कार हुआ। पिता रामभवन ने चिता को मुखाग्नि दी। इसके बाद वह फफक कर रो पड़े। वहां मौजूद ग्रामीणों ने उन्हें संभाला।