सिराथू। नगर पंचायत सिराथू में रविवार को फिर से एक बार अतिक्रमण के खिलाफ अभियान चलाया गया। जेसीबी लगाकर सड़क और नाले की जमीन पर बनी दीवारों को जमींदोज किया गया। इस दौरान लोग नगर पंचायत के अफसर और कर्मचारियों पक्षपात किए जाने का आरोप लगाते हुए विरोध पर उतरे।
नगर पंचायत सिराथू को अतिक्रमण से मुक्त कराने के लिए नगर प्रशासन ने अभियान छेड़ रखा है। नगर पंचायत के अधिशासी अधिकारी लालचंद्र मौर्या ने बताया कि पूरा कस्बा कई बरसों से अतिक्रमण की चपेट में हैं। लोगों ने सड़क और नाले की जमीन पर कब्जा करके दीवार खड़ी कर ली है। इससे कारण रोजाना कस्बे के धाता रोड, मंझनपुर रोड और सैनी रोड पर जाम की समस्या खड़ी होती है। कहा कि इसी समस्या के निजात के लिए उन्होंने यह अभियान शुरू किया है। इधर, अतिक्रमण हटाओ अभियान के तहत रविवार की दोपहर जेसीबी लेकर कर्मचारियों और पुलिस के साथ निकले ईओ ने सड़क और नाले की जमीन पर कब्जा करके बनाई गई दीवारों को जमींदोज कराया। इस दौरान धाता रोड पर कार्रवाई के दौरान नाली के अंदर हुए लालचंद्र केशरवानी, मोनू तिवारी, कपूर चंद्र, कमलेश पांडेय के के निर्माण कार्य और जलनिकासी की लगी पाइपों को जेसीबी से तुड़वा दिया गया। इसे लेकर कस्बाइयों ने विरोध किया। लोगों का आरोप है कि नगर पंचायत के अफसर पक्षपात पूर्ण कार्रवाई कर रहे हैं।
गुस्साए लोगों ने ईओ लालचंद्र मौर्या का घेराव भी किया। लोगों ने आरोप लगाया कि धाता रोड पर कस्बे के एक सफेदपोश व्यक्ति का मकान भी अतिक्रमण करके बनाया गया है। उसके खिलाफ नगर पंचायत क्यों कार्रवाई नहीं कर रही है। लोगों की मानें तो इस सफेदपोश ने नाली के बाहर तक पक्का निर्माण करा रखा है। उधर, धाता रोड के बाद लाव-लश्कर लेकर ईओ सैनी मार्ग पहुंचे। यहां सड़क दायरे में कमला देवी का मकान होना बताकर उसे भी जेसीबी से गिरवा दिया गया।
सिराथू नगर पंचायत प्रशासन द्वारा कस्बे में चलाए गए अतिक्रमण अभियान के पीछे चर्चा है कि कुछ सफेदपोश लोगों का शातिर दिमाग काम कर रहा है। कानाफूसी है कि सैनी मार्ग पर नगर पंचायत की जमीन पर मकान बना होना बताकर जो मकान जमींदोज कराया गया है। उस जमीन पर दुकानों का निर्माण कराकर उसे खास लोगों को आवंटित करने की रूपरेखा पहले ही बना ली गई है। अतिक्रमण अभियान के दौरान कस्बे में रही चर्चा पर गौर करें तो नगर प्रशासन ने अतिक्रमण की पटकथा ही आशियाना गिराने के लिए तैयार की थी।
यही कारण है कि नगर पंचायत के अफसरों ने धाता मार्ग पर दिखावे के लिए अतिक्रमण हटाओ अभियान चलाया। इसके बाद बीच में हुए सारे अतिक्रमण को दरकिनार करते हुए पूरा दस्ता सीधे सैनी रोड पर स्थित कमला देवी के पुराने जर्जर मकान पर पहुंचा। उसके मकान को अतिक्रमण के दायरे में बताकर जेसीबी से गिरवा दिया गया। इतना ही नहीं कार्रवाई से पहले नगर पंचायत प्रशासन ने इस महिला को नोटिस तक देना मुनासिब नहीं समझा। इस बारे में ईओ लालचंद्र से बात की गई तो उन्होंने बताया कि नोटिस देने की कोई जरूरत ही नहीं है। लाउडस्पीकर से अतिक्रमण हटाओ अभियान की जानकारी पूरे कस्बे के लोगों को कई दिन पहले दी जा चुकी है। वहीं जिस मकान को गिराया गया है, वह नगर पंचायत की जमीन पर बना हुआ है।
बताया कि अतिक्रमण हटाओ अभियान के तहत की गई कार्रवाई की उन्होंने वीडियो रिकार्डिंग भी कराई है। साथ ही नगर पंचायत की जमीन पर बने मकान को जमींदोज कराकर भूमि खाली कराने के लिए उन्होंने उच्चाधिकारियों से अनुमति ले रखी है। ईओ ने बताया कि नगर पंचायत अपनी इस जमीन में दुकानों का निर्माण कराकर उसे लोगों को आवंटित करेगा। बताया कि महिला के परिवार के लोग भी दुकान आवंटित करा सकते हैं।