सिराथू ब्लाॅक के जुवरा गांव में रविवार सुबह सींग से उठा सांड़ ने 83 वर्षीय किसान चंद्रशेखर पांडे को पटक दिया। हमले में गंभीर चोट लगने के बाद अस्पताल ले जाते समय उनकी मौत हो गई। सिराथू तहसील में एक साल के भीतर सांड़ के हमले में चार लोग अपनी जान गंवा चुके हैं।
मंझनपुर क्षेत्र के जुवरा गांव के बुजुर्ग किसान चंद्रशेखर पांडे अपने घर के दरवाजे पर बैठे थे। तभी अचानक लावारिस सांड़ तेज रफ्तार से आया और उन पर टूट पड़ा। सांड़ ने उन्हें अपने सींग में फंसाकर जोर से पटक दिया, जिससे उनका सिर फट गया।
घटना के बाद परिजनों में चीख-पुकार मच गई। आनन-फानन में वृद्ध को इलाज के लिए नजदीकी अस्पताल ले जाया गया। जहां कुछ देर बाद इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। घटना से परिवार व गांव में शोक और आक्रोश का माहौल है।
ग्रामीण सुशील पांडे ने बताया कि इलाके में लावारिस सांड़ का आतंक लगातार बढ़ रहा है। ये न सिर्फ रास्तों पर लोगों पर हमला कर रहे हैं, बल्कि खेतों में घुसकर फसल भी बर्बाद कर देते हैं। कई बार शिकायतों के बावजूद लावारिस पशुओं को पकड़ने की कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं की जा रही। ग्रामीणों ने अविलंब लावारिस सांड़ों को पकड़ने, निगरानी बढ़ाने और सुरक्षा उपाय करने की मांग की है, ताकि भविष्य में ऐसे हादसों को रोका जा सके।
मुख्य पशु अधिकारी अशोक गंगवार ने बताया कि उन्हें इस घटना के बारे में जानकारी नहीं है। यदि ऐसी कोई घटना हुई है, तो क्षेत्र में टीम भेजकर लावारिस पशुओं को क्षेत्रीय गऊ शालाओं में रखवाया जाएगा। ताकि दोबारा ऐसी कोई न हो सके।
अब तक इनकी हो चुकी है मौत
- आठ जून 2024 को त्रिलोकपुर गांव में शांति देवी पत्नी अमरीश की सांड़ के हमले में मृत्यु हुई।
- छह दिसंबर 2023 को दुबरा गांव के जगदीश पुत्र रामबहादुर की इसी तरह की घटना में मौत हुई।
-20 जनवरी 2024 को रामनारायण पुत्र भगवान दीन की सांड़ के हमले में मृत्यु हो गई।
-तीन फरवरी 2024 को टिकरा, कोखराज के बुद्धिलाल पुत्र बुधराज की भी सांड़ के हमले में जान चली गई।
सड़क पर घूम रहे लावारिस सांड़ों का झुंड। संवाद