मंझनपुर। बीटीसी चतुर्थ सेमेस्टर के पेपर लीक मामले की जांच कर रही क्राइम ब्रांच अब पर्चा आउट कराने वाले मास्टर माइंड की तलाश कर रही है। जिन लोगों के पास पेपर पहुंचा था, उनके बयान के आधार पर उस मास्टर माइंड तक पहुंचने का प्रयास किया जा रहा है। जिसने प्रेस से पेपर निकालने में भूमिका निभाई थी। इसे लेकर कड़ी जोड़ी जा रही है।
बीटीसी चतुर्थ सेमेस्टर का पेपर कथित तौर पर कौशाम्बी से लीक हुआ। हलांकि डीआईओएस सत्येंद्र सिंह का दावा है कि जिले में वीडियोग्राफी कराकर बंडल खुलवाए गए। यहां करारी और ओसा में परीक्षा केंद्र बनाए थे। दोनों सेंटरों से पेपर लीक नहीं होने की पुष्टि की। प्रकरण के खुलासे के लिए एसटीएफ को लगाया गया था। एसटीएफ इलाहाबाद ने इलाहाबाद के दीप्ती इंटर प्राइजेज के मालिक आशीष अग्रवाल और भार्गव प्रेस के मालिक अरविंद भार्गव को गिरफ्तार कर जेल भेजा। परीक्षा नियामक ने दीप्ती इंटर प्राइजेज को पेपर छापने व पहुंचाने का टेंडर दिया था लेकिन संचालक ने भार्गव प्रेस में पेपर छपवाए।
पुलिस का मानना है कि सुरक्षा में चूक की वजह से पेपर लीक हुआ है। अब कौशाम्बी में जिन लोगों के पास पेपर वायरल हुआ है, उनके बयान के आधार पर मास्टर माइंड तक पहुंचने का प्रयास किया जा रहा है। प्रकरण की जांच कर रही क्राइम ब्रांच को पता चला कि फतेहपुर के एक शख्स की वजह से पेपर यहां पहुंचा लेकिन यह शख्स भी महज एक कड़ी साबित हो रहा है। उसे पेपर कहां से मिला? इसकी जानकारी जुटाई जा रही है।