भाई-भतीजे ने ही संगीता को उतारा था मौत के घाट, गिरफ्तार
- करारी कोतवाली के बैशकांटी गांव में चार जून को पानी भरे गड्ढे में मिला था शव
- घटना के तीन दिन बाद जेठ के बेटे ने सात लोगों के खिलाफ दर्ज कराया था मुकदमा
संवाद न्यूज एजेंसी
करारी। बैशकांटी गांव की संगीता हत्याकांड का रविवार को पुलिस ने खुलासा कर दिया। संगीता की हत्या उसके भाई-भतीजे ने ही की थी। आरोपी भाई-भतीजे को गिरफ्तार कर पुलिस ने दोनों को जेल भेज दिया।
कोखराज कोतवाली के बालकमऊ गांव की संगीता देवी (30) पति मंगलदास की सात साल पहले मौत होने के बाद वह चार बच्चों को लेकर मायके बैशकांटी में आकर रहने लगी थी। चार जून की सुबह संदिग्ध हाल में संगीता का शव घर के पीछे तालाबनुमा गड्ढे में मिला था। पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम कराया तो रिपोर्ट में मौत का कारण दम घुटना बताया गया। तीन दिन बाद संगीता के जेठ के बेटे रोहित ने सात लोगों के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज कराया। मामले की छानबीन में जुटी पुलिस को पता चला कि घटना के बाद से पारिवारिक भाई शिवराम उर्फ गुंडा व भतीजा विमलेश कुमार उर्फ विम्मी दिखाई नहीं दे रहे हैं। मुखबिर की सूचना पर रविवार की सुबह इंस्पेक्टर सुनील सिंह ने दोनों को अषाढ़ा तिराहे से हिरासत में ले लिया। पूछताछ के दौरान पुलिस ने जब शिवराम व विमलेश को कर्रा किया तो दोनों सच उगल दिया। विमलेश ने बताया कि सोमवार की रात बुआ (संगीता) गायब हो गई थीं। मंगलवार की सुबह स्कूल के पास नशे की हालत में वह पड़ी मिलीं। घर लाकर संगीता से पूछा गया तो उसका कहना था कि वह नशे में थी। रात को शौच के लिए गई थी और वहीं गिर गई। संगीता की बात का एतबार नहीं होने पर उसका हाथ-पैर बांध कर पेड़ से लटका कर मुंह दबाकर पीटा गया। इस दौरान उसकी मौत हो गई। इसके बाद शव को घर के पीछे गड्ढे में फेंक दिया गया। पुलिस ने लिखापढ़ी कर दोनों आरोपियों का चालान न्यायालय भेज दिया। जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया।
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पुलिस को पहले ही दिन से था शक
संगीता का शव सुबह करीब सात बजे लोगों ने देखा था। दोपहर 12 बजे के बाद अनीता ने पुलिस को सूचना दी कि ठोकर लगने से संगीता की मौत हो गई। सुबह शव मिलने के बाद दोपहर को सूचना क्यों दी गई? यह बात पुलिस को हजम नहीं हो रही थी।