जनपद के सभी तहसीलों में संपूर्ण समाधान दिवस का आयोजन किया गया। सिराथू में जिला स्तरीय समाधान दिवस में डीएम और एसपी ने शिकायतें सुनकर समस्या का निस्तारण किया। तीनों तहसीलों में 200 पीड़ितों ने शिकायतें दर्ज कराईं। इनमें से 14 शिकायतों का त्वरित निस्तारण किया गया। मंझनपुर तहसील में गैरहाजिर चार अधिकारियों को नोटिस जारी कर स्पष्टीकरण तलब किया गया।
सिराथू तहसील में गिरधरपुर गांव के सुरेश चंद्र ने शिकायती पत्र देकर बताया कि वर्ष-2014-15 में उसने अपनी भूमिधरी की हकबंदी कराई थी। राजस्वकर्मियों ने पत्थर भी गाड़ दिया, लेकिन अब तक कब्जा नहीं मिल सका। डीएम ने प्रकरण की जांच कर आवश्यक कार्रवाई करने का निर्देश दिया। नगर पंचायत अजुहा के रामकरन ने बताया कि उनकी भूमिधरी पर एक दबंग अवैध कब्जा कर रहा है।
सिराथू के संपूर्ण समाधान दिवस में आए 105 मामलों में से सिर्फ पांच शिकायतों का त्वरित निस्तारण किया गया। डीएम ने मौजूद अफसरों को निर्देश दिया कि संपूर्ण समाधान दिवस व आईजीआरएस के तहत दर्ज शिकायतों का निस्तारण प्राथमिकता के आधार पर करें, यदि लापरवाही मिली तो प्रतिकूल प्रविष्टि दी जाएगी। चायल तहसील के समाधान दिवस में एडीएम जयचंद्र पांडेय व एसडीएम मनीष यादव ने शिकायतें सुनीं। यहां दर्ज 33 शिकायतों में से चार का त्वरित निस्तारण किया गया।
मंझनपुर तहसील में एसडीएम प्रखर उत्तम व अपर पुलिस अधीक्षक समर बहादुर ने शिकायतें सुनीं। 62 लोगों ने शिकायतें दर्ज कराईं। पांच मामलों का निस्तारण मौके पर कर दिया गया। एसडीएम ने बताया कि संपूर्ण समाधान दिवस पर सहायक अभियंता जल निगम, सहायक अभियंता लोक निर्माण विभाग, थाना प्रभारी कौशाम्बी व थाना प्रभारी महेवाघाट अनुपस्थित रहे। इस पर उन्हें कारण बताओ नोटिस दिया गया है।