सरायअकिल कोतवाली के उस्मानपुर गांव के समीप शनिवार रात अनियंत्रित बोलेरो सड़क किनारे खड़ी ट्रैक्टर ट्राली से टकरा गई। हादसे में बोलेरो सवार एक बुजुर्ग की मौत हो गई। जबकि, चालक समेत तीन लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। बोलेरो सवार तिलक चढ़ाकर वापस घर लौट रहे थे। इलाज के लिए सभी घायलों को प्रयागराज के एसआरएन अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
प्रयागराज के बारा कोतवाली के पट्टी परवेजाबाद गांव निवासी महेश विश्वकर्मा ने अपनी बेटी निकिता का रिश्ता कौशाम्बी इलाके के हिसामबाद गांव के पप्पू के बेटे मनोज के साथ तय किया था। शनिवार को वह अपने परिवार के लोगों के साथ हिसामबाद गांव तिलक चढ़ाने आए थे। महेश ने बताया कि शाम को तिलक चढ़ाने के बाद रात आठ बजे सभी लोग अपने गांव परवेजाबाद के लिए रवाना हुए।
एक बोलेरो में उसके पिता रामकैलाश विश्वकर्मा(75),भतीजी कशक और भतीजा संकल्प विश्वकर्मा समेत कुछ रिश्तेदार बैठे थे। जबकि वह परिवार के अन्य लोगों के दूसरे वाहन में बैठे थे। बोलेरो छीड़ी निवासी विमलेश शुक्ला चला रहा था। जैसे ही बोलेरो उस्मानपुर गांव के समीप पहुंची सड़क किनारे खड़ी ट्रैक्टर ट्राली से अनियंत्रित होकर टकरा गई।
हादसे में पिता रामकैलाश की मौके पर ही मौत हो गई। जबकि, भतीजी कशक और भतीजा संकल्प व चालक विमलेश शुक्ला समेत तीन लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। सूचना पर पहुंची पुलिस ने एंबुलेंस से सभी घायलों को इलाज के लिए जिला अस्पताल भेजा।
हालत गंभीर देख डाक्टरों ने सभी को प्रयागराज के एसआरएन अस्पताल रेफर कर दिया। इंस्पेक्टर विनीत कुमार सिंह ने बताया कि घायलों को अस्पताल पहुंचाने के साथ ही वृद्ध का शव पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है।
शादी की खुशियां मातम में बदलीं
हिसामबाद गांव के पप्पू विश्वकर्मा ने बताया कि 6 मार्च को बेटे मनोज की बारात परवेजाबाद गांव जानी थी। शनिवार को तिलक का कार्यक्रम खुशी-खुशी संपन्न हुआ। हादसे के बाद स्थितियां बदल गईं। अपनी नातिन को विदा करने से पहले उसके बाबा रामकैलाश की अर्थी उठाने की तैयारी होने लगी। शादी की खुशियां मातम में बदल गईं।