चरवा कोतवाली क्षेत्र के पंसौर निवासी विक्रम सरोज मनौरी रेलवे स्टेशन पर चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी हैं। वह चिल्ला शहबाजी गांव के अराजी संख्या 181 स्थित पटाखा फैक्टरी के बगल में मकान बनाकर पत्नी और बच्चों के साथ रहते थे। सोमवार को पटाखा फैक्टरी में हुए भीषण विस्फोट से उनका मकान पूरी तरह जमींदोज हो गया। विस्फोट के बाद मलबे में परिवार दब गया। पुलिस और बचाव दल ने जेसीबी की मदद से मलबा हटाने का काम शुरू किया गया। कड़ी मशक्कत के बाद आरसीसी की छत को हटाया गया। छत के नीचे पड़ी चारपाई के चारों पाए टूटकर जमीन में धंस गए थे।
बचाव कार्य के दौरान चारपाई पर लेटी विक्रम सरोज की पत्नी अंजू का शव मिला। छत गिरने से उसकी मौके पर ही मौत हो चुकी थी। उसी चारपाई पर विक्रम का शव भी बरामद हुआ। हादसे में उनका 12 वर्षीय बेटा अंश और आठ वर्षीय बेटे नन्हा की भी मलबे में दब कर मौत हो गई। विक्रम की एक बेटी घटना के समय घर से कुछ दूरी पर सड़क पर खेल रही थी। विस्फोट के दौरान वह भी घायल हो गई। पुलिस ने उसे उपचार के लिए अस्पताल भेज दिया है। पुलिस और बचाव दल मलबा हटाकर अन्य लोगों की तलाश में जुटे हुए हैं।