मंझनपुर। पेट्रोलियम पदार्थों में हुई वृद्धि को लेकर बृहस्पतिवार को भाकियू का गुस्सा फूट पड़ा। नाराज कार्यकर्ताओं ने मंझनपुर स्थित जिला पंचायत परिसर में बैठक की। इसके बाद मूल्यों में हुई वृद्धि को लेकर पेट्रोलियम मंत्री का पुतला फूंका। इस दौरान केन्द्र सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी भी की। संगठन के लोगों ने बिगड़े हैंडपंपों को बनवाने और ओसा मंडी के सामने लेबर बाजार लगवाने की व्यवस्था करने की भी मांग की।
मंझनपुर स्थित जिला पंचायत कार्यालय परिसर में बृहस्पतिवार को भारतीय किसान यूनियन की बैठक हुई। उसको संबोधित करते हुए संगठन के जिलाध्यक्ष बलबीर सिंह चौहान ने कहा कि केन्द्र सरकार आम जन विरोधी है। पेट्रोल-डीजल के दामों में लगाकर की जा रही वृद्धि इस बात का जीता जागता प्रमाण है। कहा कि पेट्रोलियम पदार्थों के मूल्यों में बढ़ोतरी से सीधे आम जनता को झटका लगता है। इसके बाद भी सरकार इसपर अंकुश नहीं लगा रही है जबकि मोदी सरकार ने सत्ता में आने से पहले महंगाई कम करने का वादा किया था।
किसानों की समस्या उठाते हुए उन्होंने कहा कि सरकार बगैर अनुमति के किसानों की भूमि लेकर उद्योगपतियों के हाथ मनमाने दामों पर बेचने की जो योजना बना रही है वह ठीक नहीं है। किसान आगामी चुनावों में इस मनमानी का हिसाब लेंगे। उन्होंने कहा कि जिले भर के गांवों में हैंडपंपों की स्थिति ठीक नहीं है। खराब पड़े हैंडपंपों को जल्द से जल्द दुरुस्त नहीं कराया गया तो संगठन सड़क पर उतरने को बाध्य होगा। बैठक के बाद मंझनपुर चौराहे पर कार्यकर्ताओं ने पेट्रोलियम मंत्री का पुतला जलाकर नाराजगी जाहिर की। साथ ही बढ़े मूल्य वापस लेने की मांग की। इस मौके पर शांताराम पांडेय, भइयालाल धुरिया, रमेश पाल, सुशील सिंह, चंदू तिवारी आदि मौजूद रहे।