मंझनपुर (ब्यूरो)। पेट्रोल-डीजल के दामों में हुई वृद्धि से खफा भाकियू कार्यकर्ताओं ने रविवार को सिराथू में हुंकार भरी। केन्द्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए कार्यकर्ताओं ने कहाकि कीमतों में लगातार बढ़ोत्तरी मौसम की मार से जूझ रहे किसानों पर वज्रपात है। प्रदर्शन के बाद भाकियू कार्यकर्ताओं ने राष्ट्रपति को संबोधित ज्ञापन तहसीलदार को सौंपा। इसमें बढ़े दामों को वापस लेने की मांग की गई।
पेट्रोल-डीजल के दामों में 15 दिन में दूसरी बार इजाफा किया गया है। बार-बार मूल्यवृद्धि से नाराज भारतीय किसान यूनियन के कार्यकर्ताओं ने रविवार को सिराथू में प्रदर्शन किया। नारेबाजी करते हुए सड़क पर उतरे कार्यकर्ताओं ने सीओ कार्यालय के सामने धरना भी दिया। इस दौरान संगठन के मंडल अध्यक्ष नूरुल इस्लाम ने कहा कि मोदी आमजन को अच्छे दिन आने और महंगाई दूर होने के सपने दिखाकर केन्द्र की सत्ता पर काबिज हुए हैं। पर, साल भर में ही उनकी सारी असलियत जनता के सामने आ गई है।
बार-बार डीजल, पेट्रोल की कीमतें बढ़ाई जा रही हैं। इससे महंगाई बढ़ती जा रही है। अच्छे दिन आने के सपने देख रहे लोग परेशान हैं। मौसम की मार से जूझ रहे किसानों को इस महंगाई ने और तोड़कर रख दिया है। आरोप लगाया कि साल भर में केंद्र की मोदी सरकार ने जनता से किया अपना एक भी वादा पूरा नहीं किया है। मोदी सरकार का यह काम देश की जनता के साथ वादाखिलाफी है। समय आने पर खुद जनता इसका बदला लेगी। डीजल, पेट्रोल की कीमतों में हुई बढ़ोत्तरी के खिलाफ करीब घंटेभर तक हुंकार भरने वाले कार्यकर्ताओं ने राष्ट्रपति को संबोधित ज्ञापन तहसीलदार को सौंपा।
इसमें पेट्रोल और डीजल के दामों में की गई बढ़ोतरी वापस लेने की मांग की गई है। भाकियू कार्यकर्ताओं ने चेताया कि यदि बढ़ी कीमतें वापस नहीं ली गईं तो इसके खिलाफ सड़क पर उतरकर आन्दोलन किया जाएगा। इस मौके पर सुशील कुमार, सिद्धशरण गुप्ता, राममूरत शर्मा, रणवीर सिंह, सुनीता देवी, बच्चालाल, केवली देवी, मुमताज अली आदि मौजूद रहे।